Zee Ent Share Price: जी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment Enterprises Ltd-ZEEL) के चेयरमैन सुभाष चंद्रा और सीईओ पुनीत गोएनका पर सेबी की कार्रवाई के चलते आज इसके शेयर 6 फीसदी से अधिक टूट गए थे। हालांकि फिर इसने अच्छी रिकवरी की और दिन के आखिरी में 0.44 फीसदी की गिरावट के साथ 194 रुपये पर बंद हुए। अब इसे लेकर मार्केट में इस पर चर्चा होने लगी कि शेयरों में रिकवरी का कैसा रुझान रहेगा। ब्रोकरेज फर्म सिटी के मुताबिक इसके शेयरों में उछाल को जी और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट (पूर्व नाम सोनी पिक्चर्स नेटवर्क) के विलय से मजबूत सपोर्ट मिलेगा। हालांकि जी और सोनी के विलय में अगर दिक्कत आती है तो शेयरों को झटका लग सकता है।
Zee-Sony Merger में क्यों आ सकती है दिक्कत
बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने सुभाष चंद्रा और पुनीत गोएनका को किसी भी लिस्टेड कंपनी या इसकी सब्सिडियरीज में प्रमुख मैनेजेरियल पोस्ट की जिम्मेदारी लेने पर रोक लगा दिया है। वहीं जी और सोनी के बीच जो सौदा हुआ है, उसके मुताबिक कंपनी का एमडी और सीईओ पुनीत गोएनका को होना था। हालांकि अब सेबी के आदेश के मुताबिक पुनीत सेबी के अगले आदेश तक यह जिम्मेदारी नहीं संभाल सकते हैं।
ब्रोकरेज फर्म सिटी के मुताबिक सेबी के आदेश को लेकर प्रमोटर की प्रतिक्रिया कैसी रहती है, इस पर नजर रहेगी। कुछ और ब्रोकरेज का मानना है कि अगर जी और सोनी का विलय रद्द नहीं होता है तो भी इसमें देरी के आसार दिख रहे हैं। एलारा सिक्योरिटीज के मुताबिक अगर मर्जर नहीं होता है तो जी के शेयर 15-20 फीसदी टूट सकते हैं। एलारा के मुताबिक जी सेबी के आदेश के खिलाफ बोर्ड की बैठक के अगले दिन (इसकी डेट अभी तय नहीं है) सिक्योरिटीज एपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में अपील कर सकती है। ट्रिब्यूनल इस पर 24-28 घंटे में या तो सेबी के आदेश पर रोक लगा सकती है या जी की याचिका खारिज हो सकती है।
अगर सेबी के आदेश पर रोक लगती है तो इससे भी मर्जर में देरी होगी और फिर सोनी सौदे से पीछे हट सकती है, अगर पुनीत गोएनका प्रमुख मैनेजमेंट पोस्ट से पीछे नहीं हटते हैं। वहीं अगर जी की याचिका खारिज हो जाती है तो सोनी नए सीईओ के साथ विलय पर आगे बढ़ सकती है। हालांकि इसके लिए मर्जर की योजना में बदलाव करना होगा और फिर मिनिस्ट्री ऑफ इनफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकॉस्टिंग से भी मंजूरी लेनी होगी। एक एनालिस्ट का कहना है कि विलय के बाद जो कंपनी बनेगी, उसमें और बोर्ड में सोनी की मेजॉरिटी हिस्सेदारी हो सकती है। इसके अलावा एनालिस्ट्स का मानना है कि सीईओ इस कंपनी को जी के प्रमोटर्स की कानूनी लड़ाई से अलग कर सकते हैं।
सेबी में अभी भी चल रहा Zee Entertainment का मामला
जी एंटरटेनमेंट के पैसों की हेराफेरी को लेकर सेबी ने सुभाष चंद्रा और पुनीत गोएनका के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके अलावा सेबी ने इस मामले में विस्तृत जांच भी शुरू कर दी है। बाजार नियामक ने कंपनी को अपने बोर्ड के सामने यह आदेश सात दिनों के भीतर पेश करने का भी निर्देश दिया है। वहीं सुभाष चंद्रा और पुनीत गोएनका को किसी भी प्रकार की आपत्ति या प्रतिक्रिया को दाखिल करने के लिए 21 दिनों का समय दिया है।