किसके दम पर स्टॉक मार्केट में उठा-पटक? Zerodha के मालिक ने खोल दी पोल

स्टॉक मार्केट में तेजी की एक वजह खुदरा निवेशकों को बताया जाता है लेकिन आंकड़े अलग तस्वीर पेश करते हैं। घरेलू ब्रोकरेज फर्म जीरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर निखिल कामत ने एक ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन साझा किया है। इसमें यह दिखाया है कि एनएसई पर लिस्टेड कंपनियों में किसकी कितनी हिस्सेदारी है

अपडेटेड Dec 07, 2022 पर 1:19 PM
Story continues below Advertisement
खुदरा निवेशकों का भारतीय कंपनियों पर मालिकाना हक म्यूचुअल फंड से भी कम है लेकिन सरकारों और बीमा कंपनियों की तुलना में अधिक है। (Image- Pixabay)

स्टॉक मार्केट में तेजी की एक वजह खुदरा निवेशकों को बताया जाता है लेकिन आंकड़े कुछ और तस्वीर पेश करते हैं। घरेलू ब्रोकरेज फर्म जीरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर निखिल कामत (Nikhil Kamath) ने आज इसे लेकर एक ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन साझा किया है। इसमें यह दिखाया गया है कि एनएसई (NSE) पर लिस्टेड कंपनियों में किसकी कितनी हिस्सेदारी है। निखिल ने ट्वीट किया है कि खुदरा निवेशकों का मार्केट पर हमारी सोच की तुलना में बहुत कम असर है। हालांकि खुदरा निवेशकों का भारतीय कंपनियों पर मालिकाना हक म्यूचुअल फंड से भी कम है लेकिन सरकारों और बीमा कंपनियों की तुलना में अधिक है। खुदरा निवेशकों के पास लिस्टेड कंपनियों की 7.42 फीसदी हिस्सेदारी है। यह BQ Community का रिसर्च है।

Sula Vineyards IPO: सबसे बड़ी वाइन कंपनी लाएगी आईपीओ, इस प्राइस बैंड में लगा सकेंगे बोली

भारतीय कंपनियों में किसकी टॉप शेयरहोल्डिंग


जीरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत ने जो चार्ट साझा किया है, उसके मुताबिक एनएसई पर लिस्टेड कंपनियों में सबसे अधिक हिस्सेदारी प्राइवेट प्रमोटर्स की है। इनके पास भारतीय लिस्टेड कंपनियों की 45.13 फीसदी हिस्सेदारी है। शेयरहोल्डिंग के मामले में खुदरा निवेशक चौथे स्थान पर हैं। नीचे सभी प्रकार के निवेशकों की लिस्टेड कंपनियों में शेयरहोल्डिंग के बारे में डिटेल्स दी जा रही है-

निवेशक  शेयरहोल्डिंग
प्राइवेट प्रमोटर्स 45.13 फीसदी
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) 20.15 फीसदी
म्यूचु्अल फंड 7.75 फीसदी
खुदरा निवेशक 7.75 फीसदी
भारत सरकार 5.48 फीसदी
बीमा कंपनियां 4.99 फीसदी
एलआईसी 3.83 फीसदी
अन्य 3.16 फीसदी
हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) 2.09 फीसदी

पिछले साल के आखिरी दिन रिटेल होल्डिंग हाई पर

देश में लिस्टेड कंपनियों में सबसे अधिक हिस्सेदारी के मामले में एफआईआई टॉप नॉन-प्रमोटर्स शेयरहोल्डर्स बनी हुई है। वहीं रिटेल होल्डिंग की बात करें तो एनएसई पर लिस्टेड कंपनियों में शेयरहोल्डिंग पिछले साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर 2021 को ऑल टाइम रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। उस समय रिटेल होल्डिंग 19.16 लाख करोड़ रुपये थी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।