स्टॉक मार्केट में तेजी की एक वजह खुदरा निवेशकों को बताया जाता है लेकिन आंकड़े कुछ और तस्वीर पेश करते हैं। घरेलू ब्रोकरेज फर्म जीरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर निखिल कामत (Nikhil Kamath) ने आज इसे लेकर एक ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन साझा किया है। इसमें यह दिखाया गया है कि एनएसई (NSE) पर लिस्टेड कंपनियों में किसकी कितनी हिस्सेदारी है। निखिल ने ट्वीट किया है कि खुदरा निवेशकों का मार्केट पर हमारी सोच की तुलना में बहुत कम असर है। हालांकि खुदरा निवेशकों का भारतीय कंपनियों पर मालिकाना हक म्यूचुअल फंड से भी कम है लेकिन सरकारों और बीमा कंपनियों की तुलना में अधिक है। खुदरा निवेशकों के पास लिस्टेड कंपनियों की 7.42 फीसदी हिस्सेदारी है। यह BQ Community का रिसर्च है।
भारतीय कंपनियों में किसकी टॉप शेयरहोल्डिंग
जीरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत ने जो चार्ट साझा किया है, उसके मुताबिक एनएसई पर लिस्टेड कंपनियों में सबसे अधिक हिस्सेदारी प्राइवेट प्रमोटर्स की है। इनके पास भारतीय लिस्टेड कंपनियों की 45.13 फीसदी हिस्सेदारी है। शेयरहोल्डिंग के मामले में खुदरा निवेशक चौथे स्थान पर हैं। नीचे सभी प्रकार के निवेशकों की लिस्टेड कंपनियों में शेयरहोल्डिंग के बारे में डिटेल्स दी जा रही है-
पिछले साल के आखिरी दिन रिटेल होल्डिंग हाई पर
देश में लिस्टेड कंपनियों में सबसे अधिक हिस्सेदारी के मामले में एफआईआई टॉप नॉन-प्रमोटर्स शेयरहोल्डर्स बनी हुई है। वहीं रिटेल होल्डिंग की बात करें तो एनएसई पर लिस्टेड कंपनियों में शेयरहोल्डिंग पिछले साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर 2021 को ऑल टाइम रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। उस समय रिटेल होल्डिंग 19.16 लाख करोड़ रुपये थी।