शेयर बाजार में आई गिरावट से इनवेस्टर्स काफी मायूस हैं। खासकर उन निवेशकों को ज्यादा झटका लगा है, जिन्होंने पहले कभी ऐसी गिरावट नहीं देखी थी। इनमें ऐसे इनवेस्टर्स शामिल हैं, जिन्होंने कोविड के बाद शेयरों में निवेश शुरू किया था। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर कुछ साल के बाद बाजार में बड़ी गिरावट आती है। फिर, रिकवरी आती है। इनवेस्टर्स को इस उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। जीरोधा के को-फाउंडर नितिन कामत का कहना है कि इनवेस्टर्स को डायवर्सिफायड इनवेस्टमेंट पर फोकस करना चाहिए।
कामत ने सोशल मीडिया पर 2 अप्रैल को किया पोस्ट
कामत ने इस बारे में 2 अप्रैल को एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने बताया है कि निवेश पर अच्छा रिटर्न कमाने के लिए डायवर्सिफायड इनवेस्टिंग सबसे भरोसेमंद रास्ता है। उन्होंने एक दोस्त के पोर्टफोलियो का उदाहरण दिया है, जिसके पोर्टफोलियो ने हमेशा बाजार के सूचकांकों के मुकाबले ज्यादा रिटर्न दिया है। कामत पहले भी डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो के महत्व के बारे में बता चुके हैं। डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो का मतलब कई तरह के एसेट्स में निवेश है।
मध्यपूर्व में लड़ाई से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है
अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई की वजह से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है। यह लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। तब से शेयर बाजार 10 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। इससे पहले अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक के नए एआई टूल्स लॉन्च होने के बाद आईटी शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली थी। मध्यपूर्व की लड़ाई के चलते न सिर्फ शेयरों बल्कि गोल्ड और बॉन्ड्स की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। बॉन्ड यील्ड में उछाल देखने को मिला है। बॉन्ड्स की कीमत घटने पर उसकी यील्ड बढ़ जाती है और बॉन्ड की कीमत बढ़ने पर उसकी यील्ड घट जाती है।
कामत ने पहले भी डायवर्सिफायड पोर्टफोलियो पर जोर दिया है
कामत ने एक अकाउंट का उदाहरण देते हुए बताया है कि यह देखने में आसान चार्ट लगता है, लेकिन इसे तैयार करना काफी मुश्किल है। इसे बनाने में फंड्स और स्टॉक्स के पेआउट/पेइन, कॉर्पोरेट एक्शंस सहित कई चीजों का ध्यान रखा जाता है। इसे तैयार करने के पीछे काफी कोशिश शामिल होती है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने हमेशा डायवर्सिफायड पर जोर दिया है। अच्छा रिटर्न कमाने के लिए यह बहुत जरूरी है।
निवेशकों को बाजार में निवेश बनाए रखने की सलाह
उन्होंने 30 मार्च को भी एक पोस्ट किया था। उन्होंने कहा था कि कोई इस बात का अनुमान नहीं लगा सकता कि किस एसेट का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहेगा। ऐसे में 99 फीसदी लोगों के लिए डायवर्सिफिकेशन सबसे अच्छा तरीका है। साथ ही निवेशकों को बाजार में निवेश बनाए रखने पर फोकस करना होगा। बाजार के अच्छे और खराब दोनों समय में निवेश बनाए रखना जरूरी है। ज्यादातर इनवेस्टर्स बाजार में बड़ी गिरावट आने पर शेयर बेचने लगते हैं या अपना सिप बंद कर देते हैं।