जीरोधा (Zerodha) के प्लेटफॉर्म पर आज सुबह यूजर्स को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यूजर्स को ऑर्डर प्लेसमेंट से जुड़ी कुछ दिक्कतें आईं जैसे कि ऑर्डर नहीं पूरा हो पाया और जैसे कि कोई ऑर्डर ही नहीं है। इसे लेकर परेशान ट्रेडर्स ने X (पूर्व नाम ट्विटर) पर खूब शिकायत की। इसे लेकर जीरोधा का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म को एक तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा जिसके चलते NSE, BSE और MCX पर पोजिशन देखने में रूक-रूक कर दिक्कतें आती रहीं। हालांकि जीरोधा का यह भी कहना है कि ऑर्डर प्लेसमेंट, ऑर्डर में किसी बदलाव और ऑर्डर को कैंसिलेशन पर तकनीकी खामी का असर नहीं रहा। यह दिक्कत क्यों आई, इसे लेकर जीरोधा का कहना है कि इसकी रूट कॉज एनालिसिस (RCA) अभी पेंडिंग ही है।
जीरोधा के प्लेटफॉर्म पर आज सुबह तकनीकी खामी के चलते ऑर्डर तो हो रहा था लेकिन तुरंत पोजिशन नहीं दिखा रहा था। इसे लेकर एक ट्रेडर्स ने X पर लिखा, 'मेरा ट्रेड कहां है? यह पूरा तो हो गया लेकिन पोजिशन में नहीं दिखा रहा है।' और 'मेरा जीरोधा ऑर्डर पोजिशन नहीं दिख रहा है।' एक यूजर ने लिखा कि जीरोधा के सर्वर इश्यू के चलते 10 मिनट तक पोजिशन नहीं दिखा जिसके चलते उन्हें घाटा झेलना पड़ा। उसने आगे लिखा है कि जीरोधा की टीम का कहना है कि वह इसे लेकर कुछ नहीं कर सकती है तो क्या इसे लेकर कंपनी की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
Zerodha को तकनीकी खामी के चलते पहले लग चुकी है चपत
मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव के दौरान ब्रोकरेज के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की तकनीकी खामियों के चलते जो घाटा होगा, उसका जिम्मेदार कौन होगा, इसे लेकर इस समय काफी बहस चल रही है। इसे लेकर अभी जीरोधा सुर्खियों में आया था, जब एक ट्रेडर विजय ने इसके खिलाफ अहम केस जीता था। विजय को जुलाई में तकनीकी खामी के चलते घाटा हुआ था। उसने रिफंड के दावे की लंबी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे जिससे उसे जूझना पड़ा। बीएसई के ग्रीवांस रिड्रेसल कमेटी (GRC) ने जीरोधा को नुकसान की भरपाई का आदेश दिया था। जीरोधा ने मुआवजा तो दिया लेकिन इसने फैसले को पूरी तरह से गलत बताया। पढ़ें पूरा मामला-