ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) ने वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में अपने फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal) को 143 करोड़ रुपये का एंप्लॉयी स्टॉक ऑप्शन (ESOPs) आवंटित किया है। कंपनी की ओर से शेयर बाजारों को भेजी गई रिलेटड पार्टी ट्रांजैक्शन के डॉक्यूमेंट्स से यह जानकारी मिली। गोयल को यह शेयर ऐसे समय में आवंटित किए गए हैं, जब Zomato बाजार को यह यकीन दिलाने में लगी है कि वह मुनाफा हासिल करने के करीब है। इसके साथ ही दूसरी छमाही में जोमैटो की अपने 3 सबसे अहम मैनेजेरियल कर्मचारियों (KMP) के लिए कुल ESOP लागत 156 करोड़ रुपये रही।
इसमें से कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अक्षंत गोयल को 13.5 करोड़ रुपये और कंपनी सेक्रेटरी संध्या सेतिया को 10 लाख रुपये के शेयर आवंटित किए गए। कंपनी की ओर से शेयर बाजारों को भेजे गए डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में Zomato की कुल ईशॉप्स लागत (ESOPs Cost) 212 करोड़ रुपये रही। इसमें से 67.5 फीसदी लागत दीपिंदर गोयल के शेयर-आधारित पेमेंट्स की रही।
इसी तरह कुल ईशॉप्स लागत का करीब 74 फीसदी खर्च सबसे अहम मैनेजेरियल कर्मचारियों (KMP) पर किया गया। इसका मतलब है कि कंपनी के बाकी कर्मचारियों की सिर्फ 26 फीसदी या 55 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए गए।
इस बीच Zomato ने पिछले हफ्ते शेयरधारकों को भेजे एक लेटर में बताया कि वित्त वर्ष 2023 में उसकी कुल ESOP लागत 510 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2022 में 880 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि डॉक्यूमेंट्स से यह भी पता चलता है कि कंपनी के सीईओ और सीएफओ दोनों ने वित्त वर्ष 2022 और 2023 के दौरान कंपनी से कोई सैलरी नहीं ली थी।
Zomato के शेयर मंगलवार 23 मई को एनएसई पर 0.55% की गिरावट के साथ 63.15 रुपये के भाव पर बंद हुए। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में 12.77% की तेजी आई है। हालांकि पिछले एक महीने में इसका भाव करीब 2.77 फीसदी गिरा है।