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Zomato Share Price: कमजोर मार्केट में 4% से अधिक टूट गए शेयर, ब्रोकरेज ने बताया मौका

Zomato Share Price: ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव है। इजराइल और ईरान के बीच के विवाद ने दुनिया भर के मार्केट को दहला दिया है और इसकी आंच में घरेलू स्टॉक मार्केट भी झुलस गया है। बिकवाली के दबाव में आज जोमैटो के शेयर 4 फीसदी से अधिक टूट गए। भाव में रिकवरी तो हुई है लेकिन अब भी काफी कमजोर बना हुआ है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Apr 15, 2024 पर 4:15 PM
Zomato Share Price: कमजोर मार्केट में 4% से अधिक टूट गए शेयर, ब्रोकरेज ने बताया मौका
Zomato के शेयर पिछले साल 17 अप्रैल 2023 को एक साल के निचले स्तर 53.05 रुपये पर था। इसके बाद एक साल में यह करीब 277 फीसदी उछलकर 12 अप्रैल 2024 को 199.75 रुपये पर पहुंच गया।

Zomato Share Price: ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव है। इजराइल और ईरान के बीच के विवाद ने दुनिया भर के मार्केट को दहला दिया है और इसकी आंच में घरेलू स्टॉक मार्केट भी झुलस गया है। बिकवाली के दबाव में आज जोमैटो के शेयर 4 फीसदी से अधिक टूट गए। भाव में रिकवरी तो हुई है लेकिन अब भी काफी कमजोर बना हुआ है। आज BSE पर 2.26 फीसदी की गिरावट के साथ 188.10 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 4.39 फीसदी फिसलकर 184 रुपये तक आ गया था। अब आगे के चाल की बात करें तो ब्रोकरेज फर्मों के रुझान के मुताबिक इस गिरावट को गोल्डेन चांस के रूप में लेना चाहिए क्योंकि यह शेयर 300 रुपये तक पहुंच सकता है।

Zomato को लेकर ब्रोकर्स क्यों हैं पॉजिटिव

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म यूबीएस का मानना है कि जोमैटो के शेयर एक साल में 250 रुपये के लेवल तक पहुंच सकते हैं। हालांकि यह जोमैटो के लिए सबसे हाई टारगेट नहीं है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने इसका टारगेट प्राइस 300 रुपये और जेएम फाइनेंशियल ने 260 रुपये रखा है। जोमैटो के ट्रैक करने वाले 28 एनालिस्ट्स में से 24 ने इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है तो चार ने सेल रेटिंग दी है।

यूबीएस का मानना है कि जोमैटो के क्विक कॉमर्स की ग्रोथ और मार्जिन की संभावनाओं पर अभी बाजार में सही वैल्यू लगी नहीं है। ब्रोकर के मुताबिक वित्त वर्ष 2029 तक इसका ग्रॉस मर्चेंजाइज वैल्यू (GMV) बढ़कर 1020 करोड़ डॉलर पर पहुंच सकता है। इसके अलावा यूबीएस का मानना है कि इसका EBITDA मार्जिन 9 फीसदी पर पहुंच सकता है। जोमैटो के वित्तीय सेहत की बात करें तो दिसंबर 2023 तिमाही में इसे 138 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था जबकि दिसंबर 2022 तिमाही में इसे 347 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। कंपनी ने अपना रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान भी 40 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर लिया है।

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