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Short Call: क्या यह Zomato, Swiggy में निवेश का मौका है? जानिए Mphasis और Waaree Energies क्यों सुर्खियों में हैं

CLSA ने कहा है कि क्विक कॉमर्स सेगमेंट का आकार FY24 से FY27 के बीच छह गुना हो सकता है। इसका सबसे ज्यादा फायदा स्विगी और जोमैटो को मिलेगा, क्योंकि ये दोनों इस सगेमेंट की सबसे बड़ी कंपनियां हैं। बीते 6 महीनों में Zomato का शेयर 60 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 11, 2024 पर 11:59 AM
Short Call: क्या यह Zomato, Swiggy में निवेश का मौका है? जानिए Mphasis और Waaree Energies क्यों सुर्खियों में हैं
क्विक कॉमर्स कंपनियां अभी सफर के शुरुआती चरण में हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन कंपनियों की ग्रोथ शानदार रह सकती है।

पिछले कुछ महीनों में उन शेयरों में काफी मुनाफावसूली दिखी है, जिनकी कीमतें काफी चढ़ गई थीं। इस बीच इनवेस्टर्स की दिलचस्पी ऐसे स्टॉक्स में बढ़ी है, जिनकी अगले बुलरन में बड़ी हिस्सेदारी हो सकती है। जोमैटो और स्विगी के स्टॉक्स इसके उदाहरण हैं। उधर, डिफेंस, रेलवे और कंस्ट्रक्शन कंपनियों के स्टॉक्स थके हुए दिख रहे हैं। पिछले 6 महीनों में जोमैटो का शेयर 60 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। यह पहली न्यू-एज टेक कंपनी है, जो बीएसई सेंसेक्स का हिस्सा बना है। उधर, स्विगी के शेयरों में एक महीने में 25 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। ऐसा लगता है कि जो निवेशक जोमैटो के शेयरों में निवेश का मौका चूक गए थे, वे स्विगी के शेयरों में निवेश कर रहे हैं। 11 दिसंबर को स्विगी और जोमैटो के शेयरों में तेज गिरावट आई। सवाल है कि क्या यह इनमें निवेश का मौका है?

क्विक कॉमर्स कंपनियां अभी सफर के शुरुआती चरण में हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन कंपनियों की ग्रोथ शानदार रह सकती है। CLSA ने कहा है कि क्विक कॉमर्स सेगमेंट का आकार FY24 से FY27 के बीच छह गुना हो सकता है। उसने कहा है कि इस बढ़ते बाजार में कई कंपनियों के लिए संभावना दिख रही है। सवाल है कि इस सेगमेंट में आपको किस स्टॉक पर दांव लगाना चाहिए। आप चाहे जिस स्टॉक पर दांव लगाएं, आपको अच्छा मुनाफा हो सकता है।

Mphasis

एम्फैसिस के शेयर 10 दिसंबर को 2.4 फीसदी चढ़कर 3,179.45 रुपये पर बंद हुए। इसकी वजह एचएसबीसी की रिपोर्ट है। उसने Mphasis के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। बुल्स का कहना है कि नए क्लाइंट्स बनाने की कंपनी की कोशिश रफ्तार पकड़ रही है। कंपनी टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) में इजाफा के लिए अपनी टीम बढ़ाई है। जेएम फाइनेंशियल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मॉर्टगेज वॉल्यूम या डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग में रिकवरी का फायदा कंपनी को मिल सकता है। FY26 में इंडस्ट्री की ग्रोथ बढ़कर 6-7 फीसदी पहुंच जाने की संभावना है। बेयर्स का कहना है कि पिछले कुछ समय से ग्रोथ सुस्त रही है। यूरोप के कमजोर आउटलुक GenAI को लेकर अनिश्चितता का असर ग्रोथ पर पड़ सकता है।

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