पिछले कुछ महीनों में उन शेयरों में काफी मुनाफावसूली दिखी है, जिनकी कीमतें काफी चढ़ गई थीं। इस बीच इनवेस्टर्स की दिलचस्पी ऐसे स्टॉक्स में बढ़ी है, जिनकी अगले बुलरन में बड़ी हिस्सेदारी हो सकती है। जोमैटो और स्विगी के स्टॉक्स इसके उदाहरण हैं। उधर, डिफेंस, रेलवे और कंस्ट्रक्शन कंपनियों के स्टॉक्स थके हुए दिख रहे हैं। पिछले 6 महीनों में जोमैटो का शेयर 60 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। यह पहली न्यू-एज टेक कंपनी है, जो बीएसई सेंसेक्स का हिस्सा बना है। उधर, स्विगी के शेयरों में एक महीने में 25 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। ऐसा लगता है कि जो निवेशक जोमैटो के शेयरों में निवेश का मौका चूक गए थे, वे स्विगी के शेयरों में निवेश कर रहे हैं। 11 दिसंबर को स्विगी और जोमैटो के शेयरों में तेज गिरावट आई। सवाल है कि क्या यह इनमें निवेश का मौका है?
