Get App

महिलाओं में फैटी लिवर का क्या कारण है? जल्द ही बदले ये आदतें!

महिलाओं में आजकल फैटी लिवर की बीमारी काफी तेजी से बढ़ रही है, जो अक्सर चुपचाप बढ़ती रहती है और तब तक बढ़ती है जब तक ये बीमारी बड़ी ना हो जाए । आखिर महिलाओं में फैटी लिवर इतना कॉमन क्यों होते जा रहा है, क्या है इसका कारण?

Translated By: Shradha Tulsyan
अपडेटेड Jul 25, 2025 पर 11:59
महिलाओं में फैटी लिवर का क्या कारण है? जल्द ही बदले ये आदतें!

हार्मोनल चेंजेस से लेकर लाइफस्टाइल तक, महिलाओं के शरीर में कई बड़े खतरनाक चेंजेस होते हैं चाहे यह मेनोपॉज के बाद की बात हो या पीसीओएस, थायरॉइड के साथ कुछ ऐसी चीजों का सेवन करना जो हेल्थ के लिए ठीक नहीं हैं।

अगर आप अपने डाइट पर ध्यान देंगे तो आपको फैटी लिवर जैसी समस्या से जल्द छुटकारा मिल सकता है। इसके साथ ही सुस्त लाइफस्टाइल, क्रैश डाइट औरमेटाबॉलिज्म डिसऑर्डर भी लिवर में फैट को बढ़ा सकते हैं।

आज हम आपको महिलाओं में फैटी लिवर के प्रमुख कारणों और उनसे बचने का उपाय बताएंगे साथ ही ये भी बताएंगे कि आप अपनी लाइफस्टाइल को कैसे बदल सकते हैं।

खराब डाइट और मोटापा
महिलाओं में नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर(NAFLD) के सबसे आम कारणों में से एक चीनी, कार्बोहाइड्रेट और सचुरेटेड फैट से भरपूर आहार है। ये चीजें लिवर में फैट के जमा होने का कारण बनती हैं, खासकर जब एक नॉर्मल लाइफस्टाइल में हों तो। मोटापा पेट के आसपास की आंतरिक चर्बी, लिवर में सूजन और स्ट्रैस को बढ़ाता है।

शराब का सेवन करना
हालांकि फैटी लिवर जैसी बीमारी अक्सर अल्कोहल-रहित होता है, फिर भी शराब एक प्रमुख कारक बनी हुई है। महिलाओं में अल्कोहल को पचाने का प्रोसेस पुरुषों से अलग होता है और कम मात्रा में भी वे अल्कोहलिक फैटी लिवर जैसी बिमारी (AFLD) के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं। नियमित या अत्यधिक शराब पीने से लिवर में फैट का जमाव और फाइब्रोसिस होने की संभावना बढ़ती है।

हार्मोनल चेंज और मेनोपॉज
एस्ट्रोजन फैट डिस्ट्रीब्यूशन और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में मदद करता है। मेनोपॉज के बाद, एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट से पेट के आसपास फैट इकट्ठा हो जाता है, इस हार्मोनल बदलाव के कारण मेनोपॉज के बाद की महिलाओं में VAFLD विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है, भले ही उनका वजन अधिक न हो।

तेजी से वजन कम होना
विडंबना यह है कि तेजी से वजन कम करने से आपके लिवर को ठीक होने की बजाय नुकसान पहुंच सकता है। जब महिलाएं बहुत तेजी से वजन कम करती हैं, खासकर क्रैश डाइट या बिना निगरानी वाले डिटॉक्स प्लान के ज़रिए, तो लिवर में मुक्त फैटी एसिड की बाढ़ आ जाती है जो शरीर को अफेक्ट करता है।

महिलाओं में फैटी लिवर के कारणों को समझना और इसे रोकना स्वास्थ्य की दिशा में पहला कदम है। पीसीओएस जैसी हार्मोनल स्थितियों से लेकर लाइफस्टाइल संबंधी कारकों जैसे शुगर ज्यादा लेना, फिजिकल एक्टिविटी और शराब का सेवन, कई तत्व लिवर में फैट के निर्माण को बढ़ावा देने में भूमिका निभाते हैं।

इसलिए महिलाओं के शरीर का ध्यान रखते हुए अपने खाने का समय और खाने की चीजों को संचालित करना चाहिए इसके साथ ही शरीर के सभी बदलावों पर ठीक से ध्यान रखना चाहिए।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें