Holi 2023: देश के अलग-अलग राज्यों में इस तरह मनाई जाती है होली, तस्वीरों में देखें अजब-गजब परंपराएं

Holi 2023: इस साल देशभर में रंगों का त्योहार होली (Holi Celebrations) 8 मार्च को खेली जाएगी। होली के दिन, लोग रंग, पानी, फूल और बहुत कुछ खेलते हैं। जबकि बच्चे और वयस्क एक दूसरे पर 'गुलाल' लगाते हैं और परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं। होली का त्योहार भारत की विविधता को बेहतरीन ढंग से परिभाषित करता है। यह एक ऐसा मौका होता है जिसमें जाति-धर्म का भेद भुलाकर लोग एक दूसरे को रंग लगाते हैं। होली एक ऐसा त्योहार है जब लोग रंगों के साथ स्वादिष्ट मीठे व्यंजनों का भी आनंद लेते हैं। हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। फिर उसके अगले दिन होली खेली जाती है

अपडेटेड Mar 06, 2023 पर 19:31
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Holi 2023: रंगों में सराबोर भारतीय होली के दिन पूरी दुनिया के सामने नजीर पेश करते हैं। मिसाल इस बात की पेश की जाती है कि त्योहार के असली मायने प्रेम, सौहार्द और खुशियों की मिठास बरकरार रखना है। भारत के कुछ हिस्सों में होली के उत्सव से जुड़ी अनूठी परंपराएं हैं। विभिन्न राज्यों में होली के त्योहार को अलग-अलग रीति-रिवाजों से मनाए जाने की परंपरा है। इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे हैं कि देश के अलग-अलग राज्यों में होली कैसे मनाया जाता है।

Holi 2023: होला मोहल्ला (Hola Mohalla) एक वार्षिक मेला है, जो होली के बाद पंजाब के आनंदपुर साहिब (जिला रूपनगर) में बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाता है। इसके जरिए होली का त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ लगातार तीन दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान सिख समुदाय के लोग डेयर-डेविल्स का प्रदर्शन कर अपनी शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन करते हैं। त्योहार के दौरान आनंदपुर साहिब में म्यूजिक और कविता प्रतियोगिता करवाई जाती है।

Holi 2023: राजस्थान के उदयपुर में होली दो दिनों तक मनाई जाती है। यह उत्सव होलिका दहन से शुरू होता है, जिसे मेवाड़ होलिका दहन (Mewar Holika Dahan) के नाम से जाना जाता है। मेवाड़ के शाही परिवार की ओर से होली का त्योहार आयोजित किया जाता है। इस दौरान सजाए गए शाही घोड़ों और बैंड के साथ एक जुलूस निकलता है। मेवाड़ के राजा और उनके परिवार की तरफ से एक पारंपरिक अलाव जलाया जाता है और होलिका के पुतले को आग लगाई जाती है। जबकि स्थानीय लोग अलाव के चारों ओर गैर (लोक नृत्य) करते हैं।

Holi 2023: पश्चिम बंगाल में होली को गायन और नृत्य के साथ 'बसंत उत्सव (Basant Utsav)' के रूप में मनाया जाता है। बसंत उत्सव का अर्थ है 'वसंत का उत्सव (celebration of spring)' होली के दिन आयोजित किया जाता है। बंगाल में वसंत उत्सव मनाने की परंपरा सबसे पहले नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने विश्वभारती शांति निकेतन में शुरू की थी।

Holi 2023: रंगपंचमी (Rangpanchami) होली के पांच दिन बाद मनाई जाती है। महाराष्ट्र के स्थानीय लोग होली को शिमगा (Shimga) या शिमगो (Shimgo) के नाम से भी मनाते हैं। यह त्योहार मुख्य रूप से मछुआरा समुदाय द्वारा मनाया जाता है। उत्सव के दौरान नृत्य और गायन का कार्यक्रम होता है। यहां के लोग होली का फेस्टिवल सर्दी को 'अलविदा' कहने और गर्मियों के स्वागत के रूप में भी मनाते हैं।

Holi 2023: भारत में सबसे मशहूर होली उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन में मनाई जाती है। यहां लट्ठमार होली की वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसमें महिलाएं डंडों या लट्ठ से पुरुषों को खेल में मारती हैं और रंग लगाती हैं। यहां लट्ठमार होली (Lathmar Holi) होली से एक सप्ताह पहले मनाई जाती है। परंपरा के तहत इस दिन महिलाएं खेल-खेल में पुरुषों और लड़कों का लाठियों से पीछा करती हैं और उत्सव मनाने के लिए उन्हें मारती हैं।


Holi 2023: खड़ी होली (Khadi Holi) उत्तराखंड के कुनांव क्षेत्र में खेली जाती है। परंपरा के मुताबिक, स्थानीय लोग इस दौरान पारंपरिक पोशाक पहनते हैं और लोक धुनों पर शहर के चारों ओर गाकर नृत्य करते हैं। इन सभाओं को टॉली के तौर पर भी जाना जाता है। इस दौरान लोग एक दूसरे के चेहरे पर रंग लगाकर एक दूसरे का अभिवादन करते हैं।

Holi 2023: केरल में होली मंजल कुली (Manjal Holi) के नाम से मनाई जाती है। केरल में होली उतना लोकप्रिय नहीं है। राज्य में होली रंगों से नहीं खेली जाती है। यहां होलिका दहन होता है और प्राकृतिक तरीके से होली मनाते हैं। केरल के कुदुम्बी और कोंकणी समुदायों के बीच पारंपरिक उत्सव प्रचलित है। उत्सव के पहले दिन लोग गोसरीपुरम थिरुमा के कोंकणी मंदिर जाते हैं और अगले दिन वे पानी और हल्दी से होली खेलते हैं।