
शेयर में गिरावट की एक वजह यह रही कि मॉर्गन स्टेनली ने स्टॉक पर ‘अंडरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 8157 रुपये प्रति शेयर रखा है।
ब्रोकरेज का सतर्क नजरिया डायनैमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी (DRAM) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के चलते है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, 13 फरवरी 2026 तक DRAM की स्पॉट कीमतें सालाना आधार पर 6.8 गुना ज्यादा थीं।
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में LPDDR4 और LPDDR5 के लिए मोबाइल DRAM की औसत कीमतें तिमाही आधार पर 55 प्रतिशत और 64 प्रतिशत बढ़ी हैं।
मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि भारत के स्मार्टफोन मार्केट का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा 300 डॉलर से कम कीमत का है। इससे यह कंपोनेंट कॉस्ट इनफ्लेशन के प्रति सेंसिटिव हो जाता है।
Dixon Tech इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज देती है। पिछले हफ्ते CLSA ने स्टॉक की रेटिंग को ‘आउटपरफॉर्म’ से घटाकर ‘होल्ड’ कर दिया। प्राइस टारगेट 15,800 से घटाकर 12,100 रुपये कर दिया।
CLSA ने कहा कि मेमोरी इंडस्ट्री एक सुपर साइकिल में जा रही है, जो हाई-बैंडविड्थ मेमोरी और DDR5 की AI-बेस्ड डिमांड से प्रेरित है। मेनस्ट्रीम मेमोरी की सप्लाई अभी भी टाइट है।
Dixon Tech का मार्केट कैप 64400 करोड़ रुपये रह गया है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 37 प्रतिशत और 3 महीनों में 29 प्रतिशत गिरा है।
एक सप्ताह में कीमत 10 प्रतिशत नीचे आई है। कंपनी में दिसंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 28.83 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में डिक्सन टेक का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 792.50 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 187 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।