उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती (Mayawati) की पार्टी बहुजन समाज पार्टी (BSP) बिकरू कांड के बाद पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) की रिश्तेदार 17 वर्षीय विधवा खुशी दुबे (Khushi Dubey) की जमानत के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी। BSP ने बिकरू कांड में आरोपी बनाई गई खुशी दुबे का केस लड़ने का ऐलान किया है।
BSP महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीश मिश्रा ( Satish Mishra) कोर्ट में इस मामले की पैरवी करेंगे। खुशी गैंगस्टर विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की पत्नी है। अमर दुबे को विकास बेटे की तरह मानता था। खुशी दुबे फिलहाल जेल में बंद है और उस पर बिकरू पुलिस हत्याकांड में शामिल होने का आरोप है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कानपुर के बिकरू कांड के बाद एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की पत्नी को जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। पुलिस की एक टीम दो जुलाई, 2020 की रात गैंगस्टर विकास दुबे के घर पर दबिश देने के लिए पहुंची थी।
इसी दौरान विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर पुलिस दल पर हमला कर दिया, जिसमें आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे और छह अन्य घायल हो गए थे। इस हमले में अमर दुबे भी शामिल था जो बाद में एनकाउंटर में मारा गया था।
याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि घटना के दिन खुशी की उम्र करीब 16 साल 10 महीने थी और इस घटना से कुछ ही दिन पूर्व उसका विवाह विकास दुबे के रिश्तेदार अमर दुबे से हुआ था। वकील ने कहा कि वह विकास दुबे के गिरोह की सदस्य नहीं थी, बल्कि उसका पति विकास का रिश्तेदार था और घटना के दिन वे लोग विकास के घर गए थे।
Income Tax Portal: टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए भी सिरदर्द बना नया इनकम टैक्स पोर्टल
वकील ने दावा किया कि इस घटना में उसकी (खुशी) कोई भूमिका नहीं थी। राज्य सरकार के वकील ने जमानत याचिका का इस आधार पर विरोध किया कि घटना में जीवित बचे पुलिसकर्मियों के बयान के मुताबिक हमले में खुशी सक्रिय रूप से शामिल थी और वह किसी भी पुलिसकर्मी को नहीं छोड़ने के लिए लोगों को उकसा रही थी।
संबद्ध पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि इस मामले की परिस्थितियों पर गौर करने से यह तथ्य दिमाग में आता है कि जिस कृत्य में याचिकाकर्ता शामिल थी, वह कोई साधारण कृत्य नहीं था। आठ पुलिसकर्मियों की हत्या और छह पुलिसकर्मियों को घायल करना एक भयानक अपराध है जिससे समाज की रूह कांप गई। इस घटना ने सरकार की जड़ें हिला दी थी।
17 वर्षीय खुशी पिछले एक साल से बाराबंकी के एक किशोर केंद्र में बंद है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिकरु कांड से नौ दिन पहले ही दोनों की शादी हुई थी। BSP के पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने मीडिया को बताया कि पार्टी नेता और वरिष्ठ वकील सतीश मिश्रा कोर्ट से खुशी दुबे की रिहाई की मांग करेंगे। बहुजन समाज पार्टी ब्राह्मण समुदाय को लुभाने के लिए 23 जुलाई से अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित करेगी।
सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।
