पुरानी गाड़ियां खरीदने और बेचने से जुड़े नियम बदले, जानिए क्या हैं ये नियम और आपको कैसे होगा फायदा

पुरानी गाड़ियां खरीदने और बेचने से जुड़े नए नियमों का फायदा यह है कि इससे लोगों को आरसी ट्रांसफर, थर्ड पार्टी नुकसान की भरपाई और कार मालिक की सही जानकारी जैसे झंझटों से छुटकारा मिलेगा। इससे पुरानी गाड़ी बेचने वाली कंपनियों और डीलरों को जितना फायदा होगा, उतना ही आम लोगों को भी होगा

अपडेटेड Dec 28, 2022 पर 9:55 PM
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अगर आप पुरानी गाड़ी खरीदने या बेचने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है।

अगर आप पुरानी गाड़ी खरीदने या बेचने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। सरकार ने आम लोगों के लिए इससे जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों का फायदा यह है कि इससे लोगों को आरसी ट्रांसफर, थर्ड पार्टी नुकसान की भरपाई और कार मालिक की सही जानकारी जैसे झंझटों से छुटकारा मिलेगा। नए नियमों से पुरानी गाड़ी बेचने वाली कंपनियों और डीलरों को जितना फायदा होगा, उतना ही आम लोगों को भी होगा। आइए जानते हैं कि नए नियमों में क्या कहा गया है।

पंजीकृत डीलर ही कार बेच और खरीद सकेंगे

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पुरानी गाड़ी बेचने संबंधी नियमों में बदलाव कर कार डीलरों और कंपनियों को जिम्मेदार बनाया है। नियम के तहत अब आरटीओ से पंजीकृत डीलर ही कार बेच और खरीद सकेंगे। इससे पुरानी गाड़ियों की खरीद बिक्री में पारदर्शिता आएगी और इसके साथ ही आम लोगों को धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलेगी। मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के अध्याय III में संशोधन किया है। इससे ट्रांसफर की बाधाएं, थर्ड पार्टी देनदारियों से जुड़े विवाद, डिफॉल्टर तय करने में कठिनाई दूर होंगी।


आम लोगों को कैसे होगा फायदा

ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट गुरुमतीत सिंह तनेजा ने कहा कि मौजूदा समय में गाड़ी बेचने पर कंपनियां या कार डीलर वाहन ट्रांसफर के लिए खाली फॉर्म में साइन कर लेती हैं। इसके बाद कार किसे बेची जाती है और जब तक बेची जाती है तब तक कौन इसका इस्तेमाल करता है, इसके बारे में कार मालिक को पता नहीं होता. नए नियम के अनुसार गाड़ी बेचने के बाद डीलर यह कंपनी ऑनलाइन गाड़ी को अपने नाम कराएगी। इसका मतलब है कि वाहन बेचते ही मालिक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

नए नियमों में और क्या है?

डीलरों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने कब्जे वाले वाहनों के पंजीकरण प्रमाणपत्र/वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र के नवीनीकरण, पंजीकरण प्रमाणपत्र की सत्य प्रतिलिपि, एनओसी, स्वामित्व के अंतरण के लिये आवेदन कर सकते हैं. नियामक उपाय के तौर पर, इलेक्ट्रॉनिक वाहन के रख-रखाव सम्बंधी ट्रिप रजिस्टर रखना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसमें वाहन के उपयोग करने का पूरा विवरण देना होगा. इसमें गंतव्य स्थान, जाने का कारण, ड्राइवर, माइलेज, समय आदि की पूरी जानकारी देनी होगी. ये नियम पंजीकृत वाहनों के डीलरों/बिचौलियों की पहचान करने और उन्हें अधिकार देने में सहायक होंगे. साथ ही इन वाहनों की खरीद-बिक्री के संबंध में धोखाधड़ी से बचाव हो सकेगा.

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