पुणे के पास चाकन में मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्लांट में व्हीकल प्रोडक्शन अस्थायी रूप से एक तेंदुए के कारण रोक दिया गया। तेंदुए कथित तौर पर फैसिलिटी में घुस आया और कुछ घंटों तक इधर-उधर भटकता रहा, जिससे कर्मचारियों के लिए खतरा पैदा हो गया था। इसके बाद चाकन वन विभाग और वन्यजीव SOS को सूचित किया गया और वे तेंदुए को पकड़ने के लिए प्लांट के लिए रवाना हो गए।
HT Auto की रिपोर्ट के मुताबिक, बचाव दल ने तेंदुआ को मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में बक्से और फूस के ढेर के पास छिपा हुआ पाया। कथित तौर पर इसे एक सुरक्षित दूरी से शांत किया गया और कारखाने से बाहर निकला गया। इस प्रक्रिया के दौरान प्लांट के किसी भी कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
महाराष्ट्र में मर्सिडीज-बेंज असेंबली लाइन ऐसे इलाके में है, जो दुनिया में तेंदुओं के लिए सबसे ज्यादा जनसंख्या घनत्व में से एक है। हालांकि, यह पहला मौका था, जब किसी तेंदुआ ने फैसिलिटी में प्रवेश किया और प्लांट के ऑपरेशन को बाधित किया।
मारुति सुजुकी के प्लांट में भी घुसा था तेंदुआ
यह मर्सिडीज-बेंज असेंबलिंग फैसिलिटी भारतीय बाजार के लिए C-क्लास, E-क्लास, S-क्लास और CLA कूप समेत कई मॉडलों को असेंबल करती है। इसके अलावा, यही फैसिलिटी 2018 से अमेरिका को GLC का निर्यात कर रही है।
दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है, जब किसी जंगली जानवर के मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में प्रवेश करने के कारण किसी वाहन निर्माता का संचालन रोक दिया गया हो।
इससे पहले अक्टूबर 2017 में, दिल्ली के पास हरियाणा के मानेसर में एक तेंदुआ खुलेआम मारुति सुजुकी की निर्माण सुविधा में घुस गया था। इससे प्लांट में कामकाज ठप हो गया। लगभग 30 घंटे के बड़े पैमाने पर शिकार के बाद, तेंदुए को 600 एकड़ भूमि पर स्थित प्लांट से पकड़ा गया था।