MSI ने की 'छह एयरबैग' वाले नियम पर सरकार से दोबारा विचार करने की अपील, कहा- छोटी कार के बाजार और नौकरियां पर पड़ेगा असर

मारुति सुजुकी इंडिया (MSI) ने कहा कि इस तरह का नियम पहले से ही सिकुड़ रहे छोटे कार बाजार पर काफी गंभीर असर डालेगा। आगे चलकर ऑटो सेक्टर में नौकरियों पर भी इसक असर देखने को मिल सकता है

अपडेटेड May 31, 2022 पर 7:08 PM
MSI ने की 'छह एयरबैग' वाले नियम पर सरकार से दोबारा विचार करने की अपील (FILE PHOTO)

ऑटो प्रमुख मारुति सुजुकी इंडिया (MSI) ने कहा कि सरकार को पैसेंजर व्हीकल्स में छह एयरबैग अनिवार्य (Six Airbags mandatory) करने के प्रस्ताव पर दोबारा विचार करना चाहिए। कंपनी ने कहा कि इस तरह का नियम पहले से ही सिकुड़ रहे छोटे कार बाजार पर काफी गंभीर असर डालेगा। आगे चलकर ऑटो सेक्टर में नौकरियों पर भी इसक असर देखने को मिल सकता है।

मारुति ने कहा कि ये नियम एंट्री-लेवल कार सेगमेंट को काफी हद तक प्रभावित करेगा। ये सेगमेंट पिछले तीन सालों से मुश्किल में है और घटती बिक्री का सामना कर रहा है। इससे टू-व्हीलर यूजर्स के लिए छोटी कारों में अपग्रेड करना और भी मुश्किल हो गया है।

दरअसल इस साल की शुरुआत में, सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा कि वह अक्टूबर 2022 से कार मेकर्स के लिए गाड़ियों में कम से कम छह एयरबैग देना अनिवार्य कर देगा।


PTI से बातचीत में MSI के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने कहा कि पिछले कुछ सालों में BS-6 इमिशन मानकों समेत कई अलग-अलग रेगुलेटरी नियमों के कारण शुरुआती स्तर की कारों की लागत काफी बढ़ गई है।

छोटी कार का बाजार सिकुड़ने की चेतावनी

उन्होंने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही देश भर में छोटी कारों की बिक्री पर भी असर पड़ा है। छोटे शहरों में खासतौर से ऐसा देखने को मिला। उन्होंने सावधान किया कि छह एयरबैग का नियम लागू होने से कीमतें और बढ़ेंगी, जिससे देश में छोटी कार का बाजार और सिकुड़ जाएगा।

भार्गव ने कहा, "तो डर यह है कि इससे (छह एयरबैग) बाजार छोटा हो जाएगा। कार मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर अहम है, क्योंकि यह बड़ी संख्या में रोजगार देता है। जब कार बाजार में बिकती है, तो कई नौकरियां पैदा करती है- ड्राइवर, रखरखाव, मरम्मत, पार्ट्स आदि।"

उन्होंने आगे कहा, "जैसा कि पिछले तीन साल में हुआ, अगर कार बाजार आगे भी नहीं बढ़ता है, तो इसका रोजगार पैदा करने और आर्थिक बढ़ोतरी पर सीधा असर पड़ेगा।"

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यह पूछे जाने पर कि एयरबैग के कारण कारों की कीमत कितनी बढ़ सकती है? भार्गव ने कहा, "मैं पक्के तौर पर नहीं कह सकता हूं, लेकिन यह 20,000-25,000 रुपये के बीच हो सकता है, जो एक छोटी कार खरीदार के लिए बड़ी रकम है।"

उन्होंने कहा कि इस तरह के नियम को लागू करने वाले देशों की संख्या दुनिया में बहुत ज्यादा नहीं है। भार्गव ने कहा, "उद्योग जगत को लगता है कि यह छह एयरबैग नियम लाने का सही समय नहीं है। हम चाहते हैं कि सरकार इस मामले पर दोबारा विचार करे।"

सरकार के अनुसार छह एयरबैग सभी खंडों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और इसलिए किसी भी कीमत या संस्करण वाले वाहन में इन्हें लगाना चाहिए।

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