Ola S1 Scooter: ई-स्कूटर का सॉफ्टवेयर, राइड क्वालिटी और फीचर बनाते हैं इसे दूसरों से अलग, पढ़ें राइड रिव्यू

Ola S1 के परफॉर्मेंस क्रेडेंशियल्स इसे स्टार्टअप पर पनप रहे ई-स्कूटर की भीड़ से अलग करते हैं

अपडेटेड Nov 15, 2021 पर 1:41 PM
OLA S1 E-Scooter

कैब के ऊपर 'OLA' का लोगो तो अमूमन हम सब ने देखा है, लेकिन अब ये लोगो एक बेहद स्टाइलिश लुक वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर के ऊपर भी चमकते हुए दिखता है। लॉजिस्टिक देरी और कई फोन कॉल के बाद, आखिरकार बेंगलुरू में एक सुहानी शाम Ola S1 स्कूटर की टेस्ट राइड का मौका मिला। इसमें एक ट्विस्ट ये भी है कि इस राइड के लिए दिया गया मॉडल, पूरी तरह से तैयार प्रोडक्ट नहीं था, बल्कि वो ओला के इन-हाउस सॉफ़्टवेयर के बीटा वर्जन पर चलने वाला प्रोडक्शन रेडी वर्जन था।

ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर वरुण दुबे का कहना है कि, रेगुलर स्कूटरों के मुकाबले, ओला एस 1 और ओला एस 1 प्रो केवल समय पर ओवर-द-एयर अपडेट के साथ फाइन ट्यून और सॉफ्टवेयर को अनुकूलित करने के लिए बेहतर होंगे।

पहले एड में बताई गए प्रमुख फीचर्स अभी भी कुछ अपडेट दूर हैं, जिसमें हिल होल्ड फीचर (बिना रोल किए ढलान पर खड़े स्कूटर को स्टार्ट कर सकते हैं), वॉयस-एक्टिवेटेड कमांड, फोन ऐप के जरिए रिमोट अनलॉकिंग, स्पीकर में म्यूजिक बजाना और विजुअल मूड, जो इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के साउंड और लेआउट को बदलता है, वो शामिल हैं।


डिजाईन

इसके डिजाइन के लिए ओला इलेक्ट्रिक की सराहना की जानी चाहिए। S1 प्रो में एक पतला, तना हुआ लुक है, जिसमें दिखने वाला कोई पैनल गैप नहीं है, एक बेहतरीन पेंट फिनिश और एक चौड़ी और आरामदायक सीट है, जो इसे सभी के लिए व्यावहारिक बनाता है।

यह एक साफ-सुथरा, बिना आवाज का डिज़ाइन है, जिसमें अलग-अलग कलर वेरिएंट इसे दूसरों से कहीं अलग बनाती है। हेडलैंप यूनिट को वहीं रखा गया है, जहां इसे होना चाहिए - फेयरिंग के ऊपर और हैंडलबार्स के बीच। इलेक्ट्रिक पावरट्रेन को वाइब्रेशन फ्री देखते हुए रबर-माउंटेड ग्रैब हैंडल कुछ असामान्य लग रहे थे, लेकिन ओला इलेक्ट्रिक के लिए सुरक्षा जरूरी है।

OlaScooterfile775

7-इंच का टचस्क्रीन सिस्टम तेज और स्मूथ है, बारिश के बावजूद भी अच्छा से काम कर रहा था। अगर कोई एक एलिमेंट है, जिसे देखने की जूरूरत है, तो वो है हैंडल के दोनों ओर बटन पैनल के लिए एक बैकलाइट। जब आप अंधेरे में इधर-उधर लड़खड़ा रहे हों, स्कूटर को पावर-अप करने की कोशिश कर रहे हों, तो आपको इसकी जरूरत महसूस होगी।

परफॉर्मेंस

निश्चित रूप से, S1 के परफॉर्मेंस क्रेडेंशियल्स इसे स्टार्टअप पर पनप रहे ई-स्कूटर की भीड़ से अलग करते हैं। ओला ने लंबे समय से दावा किया है कि एस1 प्रो दुनिया में सबसे अच्छा परफॉर्मेंश वाला ई-स्कूटर होगा।

Delhi: अब केवल 2500 रुपए में घर पर लगवाएं EV चार्जिंग स्टेशन, बस करना होगा इतना सा काम

इसमें 3.98 kWh की बैटरी मिलती है, जो S1 से 1 kWh बड़ी है। बड़ी बैटरी के साथ, S1 प्रो में एक एडिशनल राइडिंग मोड मिलता है, जिसे "हाइपर" कहा जाता है, जहां बैटरी अपनी काइनेटिक पावर को पूरी तरह से खोल देती है।

बायर्स स्कूटर को अनलॉक करने के लिए छह डिजिट का कोड भी लगा सकते हैं, बटन से चलने वाले स्टार्टिंग फंक्शन के लिए इसे प्राइम कर सकते है, जो स्कूटर के स्पीकर्स से निकलने वाले एक क्लियर ऑरल नोट के साथ शुरू होता है। ऐप के जरिए स्कूटर को लॉक और अनलॉक भी कर सकते हैं।

OlaScootermeter775

"स्पोर्ट" मोड आपको "नॉर्मल" के मुकाबले में थोड़ी ज्यादा रेंज देता है। यह "हाइपर" और "नॉर्मल" के बीच का सबसे अच्छा प्वाइंट है, जो पूरी रेंज से कुछ और किलोमीटर की दूरी पर उबारते हुए शानदार प्रदर्शन देता है।

जब परफॉर्मेंस की बात आती है, तो S1 प्रो एक बहुत ही सीधा, पॉइंट-एंड-शूट डिवाइस है। बजरी वाली रोड और बारिश के बीच भी S1 का अच्छा परफॉर्मेंस था। ब्रेक दबाते ही पावर पूरी तरह से कट जाती है, लेकिन बीच-बीच में यह सही नहीं है। कुल मिलाकर, स्कूटर हल्का और राइड करने आसान लगता है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।