Grok 3 AI: ये कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले कुछ सालों में दुनिया को AI दुनिया के नाम से जाना जाएगा तो ये गलत नहीं होगा। इस समय पूरी दुनिया में एआई की रेस जारी है। हर देश अपना एआई चैटबॉट बना रहा है। टेक कंपनियों में भी एआई टूल्स लॉन्च करने की होड़ सी मच गई है। हाल ही में चीन के डीपसीक (DeepSeek) ने AI की दुनिया में एक बड़ा हड़कंप मचाया। जिसके बाद चीन और अमेरिका के बीज जमकर टकराव भी देखे गए। वहीं इस एआई की रेस के बीच अब एलन मस्क का दावा है कि वह दुनिया का सबसे स्मार्ट एआई को लॉन्च कर दिया है।
मस्क ने का नया एआई चैटबॉट Grok 3 लॉन्च कर दिया है। एलन मस्क ने इसे दुनिया का सबसे स्मार्ट एआई बताया है। बता दें कि Grok 3 का सीधा मुकाबला चाइनीज DeepSeek और ChatGPT से होगा।
एलन मस्क की कंपनी xAI ने एक नया स्मार्ट एआई चैटबॉट लॉन्च किया है। एक इवेंट में मस्क ने कहा, "हम Grok 3 को पेश करने के लिए बहुत खुश हैं, क्योंकि हमें लगता है कि यह बहुत कम समय में ग्रोक2 से कहीं ज्यादा सक्षम है।" मस्क ने ग्रोक एआई पर काम करने वाली टीम की सराहना की। उन्होंने कहा, "एक शानदार टीम की कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद और मुझे ऐसी बेहतरीन टीम के साथ काम करने का सम्मान मिला है।"
मस्क ने यह भी बताया कि कंपनी ने अपने चैटबॉट का नाम 'Grok' क्यों रखा। उन्होंने कहा, "यह शब्द रॉबर्ट हेनलेन के उपन्यास 'स्ट्रेंजर इन अ स्ट्रेंज लैंड' से लिया गया है। इसमें यह शब्द मंगल ग्रह पर पले-बढ़े एक पात्र द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, जिसका मतलब होता है किसी चीज़ को पूरी तरह से और गहराई से समझना।" डेमो इवेंट में करीब 1 लाख लोग शामिल हुए। xAI ने बेंचमार्क दिखाए, जिसमें ग्रोक 3 ने विज्ञान, कोडिंग और गणित में जेमिनी 2 प्रो, डीपसीक वी3 और चैटGPT को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने आगे कहा कि 'ग्रोक' शब्द गहरी समझ को दर्शाता है और "सहानुभूति इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।"
xAI के अधिकारियों ने क्या कहा
डेमो के दौरान, xAI के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने Grok कैसे बनाया। उन्होंने कहा कि सबसे अच्छा AI बनाने के लिए अपना खुद का डेटा सेंटर बनाना जरूरी था। "हमारे पास ज्यादा समय नहीं था क्योंकि हम Grok 3 को जल्दी लॉन्च करना चाहते थे, इसलिए हमें चार महीनों में डेटा सेंटर तैयार करना पड़ा।"
xAI ने बताया कि उन्हें पहले 100,000 GPU चालू करने में 122 दिन लगे, जो एक बहुत बड़ा काम था। कंपनी ने यह भी कहा कि उसे H100 क्लस्टर का आकार दोगुना करना पड़ा। xAI के अधिकारियों ने बताया, "इसलिए, हमने एक और चरण शुरू किया और सिर्फ 92 दिनों में क्षमता को दोगुना कर दिया। हमने इस पूरी कंप्यूटिंग शक्ति का उपयोग अपने उत्पाद को लगातार बेहतर बनाने के लिए किया।"