फॉक्सकॉन (Foxconn) के चीफ यंग लियू (Young Liu) ने शुक्रवार को गुजरात के गांधीनगर में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। ये दोनों हस्तिया सेमीकॉन इंडिया 2023 सम्मेलन में शामिल हुई थीं, इसी दौरान ये मुलाकात हुई। यह बैठक ताइवानी कंपनी द्वारा भारत के वेदांत समूह के साथ हुए 20 अरब डॉलर के ज्वाइंट वेंचर करार से बाहर निकलने के कुछ दिन बाद हुई है। बता दें कि इस ज्वाइंट वेंचर करार के तहत वेदांता फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर्स लिमिटेड नाम की ज्वाइंट वेंचर कंपनी बनाने की योजना थी जो भारत में पहली चिप उत्पादन इकाई लगाती। लेकिन फॉक्सकॉन के इस करार से बाहर निकलने के बाद ये योजना फलीभूत नहीं हो पाई। हालांकि, टेक दिग्गज फॉक्सकॉन ने कहा है कि वह देश में सेमीकंडक्टर उत्पाद इकाई लगाने के लिए अलग से आवेदन करने की योजना बना रही है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने फॉक्सकॉन चेयरपर्सन और पीएम मोदी के बीच मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया है कि पीएम ने भारत में सेमीकंडक्टर और चिप उत्पादन का विस्तार करने की फॉक्सकॉन की योजनाओं का स्वागत किया है।
फॉक्सकॉन ने कहा कि वह देश के मेक इन इंडिया सेमीकंडक्टर विजन को लेकर काफी उत्साहित है। भारत और ताइवान दोनों आईटी हब है। दोनों एक दूसरे के सबसे विश्वसनीय भागीदार हैं। आगे हम मिलजुलकर कारोबार करेंगे।
पीएम मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2023 का किया उद्घाटन
बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कल शुक्रवार को 27 जुलाई को गुजरात के गांधीनगर में तीन दिनों के सेमीकॉन इंडिया 2023 (SEMICON India 2023) कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर्स (Semiconductors) से जुड़ी टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित किया जाएगा। सेमीकॉन इंडिया 2023 के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे सॉफ्टवेयर को अपडेट करना जरूरी है, वैसे ही यह कार्यक्रम भी है। सेमीकॉन इंडिया के जरिए इंडस्ट्री, एक्सपर्ट्स और पॉलिसी मेकर्स के साथ संबंध अपडेट होते रहते हैं। पीएम ने कहा कि उनका ये भी मानना है कि संबंधों में तालमेल के लिए ये जरूरी है।
इस कार्यक्रम का थीम 'भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को उत्प्रेरित करना (Catalysing India’s Semiconductor Ecosystem)’ है। यह इस कार्यक्रम का दूसरा एडीशन है। ये भारत सेमीकंडक्टर मिशन की तरफ से इंडस्ट्री और इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ साझेदारी में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और उत्पाद के लिए एक ग्लोबल हब बनाना है।
इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में सेमीकंडक्टर उत्पादन सुविधाएं लगाने के लिए टेक्नोलॉजी फर्मों को 50 फीसदी वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा, उनकी सरकार ने चिप निर्माताओं के लिए रेड कार्पेट बिछाया है।
माइक्रोन के संजय मेहरोत्रा ने भी की पीएम मोदी से मुलाकात
इस कार्यक्रम से इतर पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर प्लेयर माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) के अध्यक्ष और सीईओ संजय मेहरोत्रा से भी मुलाकात की। माइक्रोन ने एक नई असेंबली लाइन और टेस्टिंग इकाई की स्थापना के लिए गुजरात के सानंद इंडस्ट्रियल पार्क (Gujarat Industrial Development Corporation - GIDC) को चुना है। इस इकाई के 2023 में शुरू होने की उम्मीद है।