मैसेजिंग ऐप WhatsApp पर इन दिनों एक खतरनाक बग का खतरा मंडरा रहा है। देश की साइबर एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने इस बारे में अलर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि साइबर हमलावर दूर से ही मालवेयर इंस्टाल कर सकते हैं। एजेंसी ने WhatsApp के Android और iOS दोनों वर्जन में मालवेयर इंस्टाल किए जाने की आशंका जताई है। बता दें कि यह एजेंसी इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) के तहत काम करती है।
यूजर्स के लिए बेहद खतरनाक
कहा जा रहा है कि साइबर हमलावर वीडियो काल के जरिए या यूजर्स को वीडियो फाइल भेजकर मालवेयर इंस्टाल कर सकते हैं। इससे यूजर्स का डाटा भी लीक हो सकता है। इस सुरक्षा खामी को 10 में से 9 रेटिंग दी गई है। मतलब यह यूजर्स के लिए बेहद खतरनाक है। एजेंसी ने यूजर्स को सुरक्षा अपडेट इंस्टाल करने की सलाह दी है। यह खतरनाक बग अटैकर्स को एक कोड को फोन में इंस्टॉल करने में मदद करता है। इसे इंटिगर ओवरफ्लो (integer overflow) के नाम से जाना जाता है, जो कि स्पेशल क्रॉफ्ट वीडियो कॉलिंग के जरिए खतरनाक कोड को आपके फोन में पहुंचाता है।
साल 2019 में हुई थी ऐसे मैलवेयर की पहचान
यह सुरक्षा खामी साल 2019 के बग की तरह है। जहां WhatsApp की तरफ से इजराइली स्पाईवेयर मेकर NSO Group पर करीब 1400 लोगों की जासूसी का आरोप लगा था। इसमें पत्रकार, ह्यूमन राइट डिफेंडर और अन्य लोग शामिल थे। उस वक्त हमलावर बिना कॉल किए फोन में जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर देते थे।