अगर आप कार खरीदने जाते हैं और डीलर आपसे पूछे कि क्या आपको लोन की जरूरत है, तो वो आपको लोन डेस्क पर जाने के लिए कहेगा, जहां आपको अलग-अलग बैंक के लोन ऑफर किए जाएंगे। ऐसे में होता ये है कि ज्यादातर खरिदार शोरूम के पार्टनर बैंक से ही कार लोन (Car Loan) लेना पसंद करते हैं, क्योंकि वे मानते हैं कि एक छत के नीचे जब सभी काम हो रहे हैं, तो फिर इधर-उधर क्यों जाना।
मगर इससे पहले कि आप किसी लेंडर के साथ लोन के लिए साइन अप करें, जिसने डीलर के साथ पार्टनरशिप की है, जांच लें कि क्या आपको कहीं और भी सस्ती ब्याज दर पर लोन मिल सकता है।
इससे ये फायदा है कि ब्याज दर में 1% का अंतर भी आपको अच्छी खासी बचत में मदद कर सकता है। ऐसे समझिए कि आप 7 लाख रुपए का लोन चाहते हैं, तो डीलर इसे पांच साल के लिए 8% की दर से देता है। इस हिसाब से आपकी मंथली किश्त यानि EMI 14,194 रुपए की होगी और लोन रीपेमेंट में कुल 8,51,609 रुपए जाएंगे।
इसी तरह अगर आपका लोन 0.5% सस्ता है, तो आपकी EMI ₹14,027 होगी और लोन रीपेमेंट कुल ₹8,41,594 होगा। अगर लोन 1% सस्ता है, तो EMI और कुल लोन रीपेमेंट क्रमशः ₹13,861 और ₹8,31,650 होगा। ब्याज दरों के अलावा, कुल रीपेमेंट में जोड़ा गई प्रोसेसिंग फीस भी ज्यादा महत्वपूर्ण अंतर ला सकती है।
यहां देखें पांच बैंक कार लोन पर ले रहे कितना ब्याज-