RBI MPC Meet: दुनिया भर में बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच महंगाई को लेकर चिंता फिर बढ़ने लगी है। इसके बावजूद एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फिलहाल ब्याज दरों में अचानक आक्रामक बढ़ोतरी नहीं करेगा। हालांकि उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे लापरवाह न हों और समझदारी के साथ वित्तीय योजना बनाएं।
BharatLoan के बिजनेस हेड शक्ति शेखावत ने कहा कि बदलते बाजार माहौल में जिम्मेदारी से कर्ज लेना, वित्तीय जागरूकता और लंबी अवधि की योजना बनाना बहुत जरूरी है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अभी ब्याज दरें स्थिर रह सकती हैं। लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपये-डॉलर की चाल RBI की आगे की नीति को प्रभावित कर सकती है। इसलिए लोगों को सिर्फ रेपो रेट की उम्मीदों के आधार पर वित्तीय फैसले नहीं लेने चाहिए।
BankBazaar.com के CEO आदिल शेट्टी ने कहा कि जून की MPC बैठक में रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रहने की उम्मीद है। उनके मुताबिक, पिछले साल लगातार राहत देने के बाद RBI अब सतर्क मोड में है। फिलहाल महंगाई RBI की तय सीमा के भीतर है, लेकिन आने वाले महीनों में दबाव बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से अनिश्चितता जरूर बढ़ी है, लेकिन सिर्फ सप्लाई से जुड़ी इस तरह की समस्या के कारण RBI तुरंत आक्रामक कदम नहीं उठाएगा। RBI के पास संतुलित तरीके से प्रतिक्रिया देने की गुंजाइश है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI अचानक सख्ती करने की बजाय आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देगा। अगर भविष्य में ब्याज दरें बढ़ती भी हैं, तो यह धीरे-धीरे हो सकता है। इससे फ्लोटिंग रेट लोन लेने वालों को कुछ राहत मिल सकती है।
आदिल शेट्टी के मुताबिक, फिलहाल EMI में अचानक बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम है। अगर ब्याज दरों में बदलाव होता भी है, तो वह धीरे-धीरे होगा। आने वाले महीनों में कच्चे तेल और रुपये की स्थिति आगे की दिशा तय करेगी।
कर्ज लेने वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोगों को बाजार की अफवाहों या ब्याज दरों की अटकलों के आधार पर फैसले लेने से बचना चाहिए।
लोगों को अपनी कमाई, खर्च और EMI चुकाने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही कर्ज लेना चाहिए। lendingplate के फाउंडर और CEO कौशिक चटर्जी ने कहा कि लोगों को ब्याज दरों की अटकलों पर प्रतिक्रिया देने की बजाय अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
वहीं Rupee112 के बिजनेस हेड कुलदीप यदुवंशी ने कहा कि लोगों को अपने लोन की स्ट्रक्चर, EMI शेड्यूल और कुल वित्तीय जिम्मेदारियों की साफ समझ होनी चाहिए। सही योजना और समझदारी से लिया गया कर्ज भविष्य में आर्थिक दबाव से बचाने में मदद कर सकता है।
एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि लोगों को अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखना चाहिए, जरूरत से ज्यादा कर्ज लेने से बचना चाहिए और इमरजेंसी सेविंग जरूर रखनी चाहिए।
उनका कहना है कि अगर भविष्य में धीरे-धीरे ब्याज दरें बढ़ती भी हैं, तो अच्छी वित्तीय तैयारी रखने वाले लोग आर्थिक दबाव को आसानी से संभाल सकेंगे।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।