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Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में फिर कांपी धरती, भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 4.3 रही तीव्रता

Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में देर रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप आज रात (26 अक्टूबर 2023) को रात 1.09 बजे आया। जिसका केंद्र 150 किलोमीटर की गहराई पर था। पिछले 15 दिनों में चौथी बार अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए

Jitendra Singhअपडेटेड Oct 26, 2023 पर 8:02 AM
Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में फिर कांपी धरती, भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 4.3 रही तीव्रता
Afghanistan Earthquake: 11 अक्टूबर को हेरात प्रांत में आए 6.1 तीव्रता के जोरदार आए भूकंप से 4,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई हुई थी।

Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में आज (26 अक्टूबर 2023) को भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology – NCS) के अनुसार रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 रही। भूकंप के झटके रात 1.09 बजे आए थे। जिसका केंद्र 150 किलोमीटर की गहराई में था। अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। पिछले 15 दिनों में अफगानिस्तान में चौथी बार भूकंप के झटके महूसस किए गए हैं। 15 अक्टूबर को भी अफगानिस्तान में भूकंप आया था। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.4 मापी गई थी। 13 अक्टूबर को अफगानिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था।

इससे पहले 11 अक्टूबर को भी अफागानिस्तान के हेरात प्रांत में जोरदार भूकंप के झटके लगे थे। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.1 मापी गई थी। खामा प्रेस ने तालिबान के नेतृत्व वाले मंत्रालय के हवाले से बताया था कि अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में आए भूकंप में 4,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इसमें कई रिहाइशी इलाकों को भारी नुकसान पहुंचा है।

जानिए क्यों आता है भूकंप

धरती के ऊपरी सतह सात टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी हैं। जहां भी ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं। वहां भूकंप का खतरा पैदा हो जाता है। भूकंप तब आता है, जब ये प्लेट्स एक-दूसरे के क्षेत्र में घुसने की कोशिश करती हैं। ऐसे में जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं, एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर होती हैं। तब ऐसी स्थिति में जमीन हिलने लगती है। इसे ही भूकंप कहा जाता है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 की तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है।

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