Israel-Hamas War: अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल फिलहाल कुछ दिनों तक फिलिस्तीनी आतंकी समूह हमास के कब्जे वाले गाजा पट्टी पर जमीनी हमला नहीं करेगा। वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका की ओर से गाजा में जमीनी हमले में देरी करने की सलाह पर इजराइल ने सहमति जाहिर की है। Wall Street Journal ने बुधवार को अमेरिकी और इजराइली अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया कि इजराइल गाजा पर संभावित जमीनी कार्रवाई को फिलहाल टालने के लिए सहमत हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल इसलिए सहमत हुआ है ताकि अमेरिका अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में मिसाइल सिस्टम तैनात कर सके।
अमेरिका ने क्यों दी देरी की सलाह?
Jerusalem Post की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने इजराइली सेना को इस डर से जमीनी आक्रमण में देरी की सलाह दी, क्योंकि इससे बंधकों को खतरा हो सकता है और क्षेत्र में तनाव ज्यादा बढ़ सकता है। अमेरिका ने हाल ही में मध्य पूर्व में बड़ी मात्रा में नौसैनिक शक्ति भेजी है, जिसमें दो विमान वाहक, उनके सहायक जहाज और लगभग 2,000 नौसैनिक शामिल हैं। जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल-हमास युद्ध के दौरान क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण वाशिंगटन ईरान समर्थित आतंकी समूहों की गतिविधियों को लेकर सतर्क है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल अपनी योजना में गाजा के अंदर नागरिकों को मानवीय सहायता प्रदान करने के प्रयासों के साथ-साथ हमास आतंकवादियों द्वारा बंधक बनाए गए बंधकों को मुक्त कराने के राजनयिक प्रयासों को भी ध्यान में रख रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सैनिकों को खतरा सर्वोपरि चिंता का विषय है। अमेरिकी सेना और अन्य अधिकारियों का मानना है कि हमास शासित फिलिस्तीनी क्षेत्र पर आक्रमण शुरू होने के बाद उनकी सेना को आतंकवादी समूहों द्वारा निशाना बनाया जाएगा।
एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती करेगा अमेरिका
जर्नल के अनुसार, अमेरिका इस क्षेत्र में लगभग एक दर्जन एयर डिफेंस सिस्टम को तैनात करने की तैयारी कर रहा है। Reuters ने बताया कि वाशिंगटन ने 23 अक्टूबर को इजराइल को गाजा पट्टी में जमीनी हमले को रोकने की सलाह दी थी। गाजा में इजराइल की संभावित जमीनी कार्रवाई से जुड़ी खबरों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि इजराइली अपने फैसले खुद ले सकते हैं।
इजराइल के खिलाफ 7 अक्टूबर को फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह हमास के अप्रत्याशित हमले के बाद दोनों पक्षों में नए सिरे से संघर्ष छिड़ गया है, जिसमें अब तक 1,400 से अधिक इजराइली लोग मारे जा चुके हैं। इजराइल ने 2007 से गाजा पर शासन कर रहे हमास के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू की है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइली हमलों में 5,700 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से 2,300 नाबालिग हैं। इजराइली सरकार के अनुसार, हमास के शुरुआती हमले में इजराइल में 1,400 लोगों की मौत हो गई।
हिजबुल्लाह, हमास और इस्लामिक जिहाद की मीटिंग
लेबनान का आतंकी संगठन हिजबुल्ला समूह के नेता ने गाजा में जारी इजराइली हमलों के बीच हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के वरिष्ठ नेताओं के साथ बुधवार को वार्ता की। इजराइल विरोधी तीन बड़े आतंकी समूहों की यह अहम बैठक माना जा रहा है। बैठक के बाद एक संक्षिप्त बयान में बताया गया कि आतंकी समूह हिजबुल्ला के नेता हसन नसरुल्ला ने इस बात को लेकर हमास के सालेह अल अरौरी और इस्लामिक जिहाद के नेता जियाद अल नखलेह से सहमति जताई कि इन तीनों संगठनों और ईरान समर्थित अन्य उग्रवादियों को आगे क्या कदम उठाना चाहिए।
Israel Hamas War: इजराइल के खिलाफ लेबनान का आतंकी संगठन हिजबुल्लाह, फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद और हमास एकजुट हो गए हैं।
हिजबुल्ला और लेबनान के सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित बयान के अनुसार, तीनों संगठनों का मकसद गाजा और फिलिस्तीन में एक वास्तविक जीत हासिल करना तथा गाजा एवं वेस्ट बैंक में इजराइल के हमले को रोकना है। बैठक के बारे में और कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई गई। बेरूत में यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब इजराइल और गाजा पट्टी पर शासन करने वाले फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह हमास के बीच युद्ध तीन सप्ताह से जारी है। हिजबुल्ला का कहना है कि संघर्षों में उसके भी दर्जनों लड़ाके मारे गए है।