इनफ्लेशन करीब 150 फीसदी। IMF का 44 अरब डॉलर का कर्ज। करीब आधी आबादी गरीबी में। केंद्रीय बैंक का खाली खजाना। हम बात कर रहे हैं अर्जेंटीना की। सवाल है कि क्या अर्जेंटीना की इकोनॉमी डूब जाएगी या बच जाएगी? दरअसल अर्जेंटीना के नए इकोनॉमी मिनिस्टर Luis Caputo (लुई कापुटो) ने पेसो (Peso) की वैल्यू घटाने का फैसला किया है। सरकार अर्जेंटीना की करेंसी पेसो की वैल्यू डॉलर के मुकाबले 50 फीसदी घटाने जा रही है। सरकार ने एनर्जी सब्सिडी घटाने का फैसला किया है। सरकारी टेंडर कैंसल करने का फैसला लिया गया है। इकोनॉमी को डूबने से बचाने के लिए अर्जेंटीना की सरकार शॉक ट्रीटमेंट देने जा रही है। यह दक्षिण अमेरिकी देश पिछले कई दशकों के सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
नई सरकार ने लिए कड़े फैसले
Caputo ने कहा है कि उन्होंने जो फैसले लिए हैं, उनसे अभी लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन इकोनॉमी को संकट से बाहर निकालने में मदद मिलेगी। दरअसल, अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति जेवियर मिलेई (Javier Milei) ने 10 दिसंबर को कुर्सी संभाली है। उसके बाद नए आर्थिक मंत्री ने देश की इकोनॉमी को बचाने के लिए पूरा एक पैकेज तैयार किया है। इसमें कई तरह के उपाय शामिल हैं। कापुटो ने कहा है कि अगर देश की इकोनॉमी को डूबने से बचाना है तो इनफ्लेशन को काबू में करना होगा। फिस्क्टल डेफिसिट को घटाना होगा और सरकार के खर्चों में कमी लानी होगी।
फिस्कल डेफिसिट को काबू में करना बड़ा चैलेंज
कापुटो ने रिकॉर्ड किए गए स्पीच में कहा है, "हमारा मकसद सिर्फ बहुत बड़े संकट का टालना और इकोनॉमी की गाड़ी को पटरी पर लाना है।" उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना में लंबे समय से फिस्कल डेफिसिट ज्यादा रहा है। यह इकोनॉमी के संकट में फंसने की सबसे बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि हम प्रॉब्लम को जड़ से खत्म करने जा रहे हैं। इसके लिए हमें सबसे पहले फिस्कल डेफिसिट को काबू में करने के उपाय करने होंगे।
कई अनाजों के उत्पादन में अर्जेंटीना नंबर वन
मजेदार बात यह है कि यह दक्षिण अफ्रीकी देश कई अनाजों का दुनिया में सबसे बड़ा उत्पादक है। लेकिन, 150 फीसदी इनफ्लेशन और हाई फिस्कल डेफिसिट ने इसकी हालत पतली कर दी है। केंद्रीय बैंक का रिजर्व माइनस में पहुंच चुका है। करीब 45 फीसदी आबादी गरीबी में है। IMF का कर्ज बढ़कर 44 अरब डॉलर पहुंच चुका है। ऐसे में नया कर्ज जुटाना मुमकिन नहीं है। शायद कापुटो इस बात को अच्छी तरह से समझते हैं। इसीलिए उन्होंने विदेश से मदद मांगने की जगह अपने खर्चों को घटाने का फैसला किया है।
IMF चीफ ने सरकार के कदमों का स्वागत किया
IMF की चीफ Kristalina Gerogieva ने अर्जेंटीना की सरकार के आर्थिक पैकेज का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, "हम सरकार के निर्णायक फैसलों का स्वागत करते हैं। यह देश की इकोनॉमी को फिर से खड़ा करने और स्थिरता लाने की दिशा में बड़ा कदम है।" उन्होंने अर्जेंटीना की सरकार के कदमों को साहसिक बताया है। उन्होंने कहा है कि इससे इकोनॉमी में स्थिरता लाने और प्राइवेट सेक्टर की ग्रोथ की बदौलत इकोकनॉमी को पटरी पर लाना मुमकिन होगा।