Bangladesh Crisis: शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और सोमवार (5 अगस्त) को देश छोड़कर भाग जाने के बाद भी बांग्लादेश में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है। बांग्लादेश में मंगलवार (6 अगस्त) को एक इंडोनेशियाई नागरिक सहित कम से कम 24 लोगों को प्रदर्शनकारी भीड़ ने शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी के एक नेता के स्वामित्व वाले एक होटल में जिंदा जला दिया। यह घटना उस समय हुई जब पार्टी प्रमुख शेख हसीना प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद देश छोड़कर चली गईं हैं।
स्थानीय पत्रकारों और अस्पताल सूत्रों ने मंगलवार (6 अगस्त) को बताया कि भीड़ ने जोशोर जिले में जिला अवामी लीग के महासचिव शाहीन चक्कलदर के स्वामित्व वाले जाबिर इंटरनेशनल होटल में आग लगा दी, जिसमें 24 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस घटना में मरने वाले ज्यादातर होटल में ठहरे लोग थे।
ढाका के एक स्थानीय पत्रकार ने 'पीटीआई' को फोन पर बताया, "मृतकों में एक इंडोनेशियाई नागरिक भी शामिल है।" उन्होंने कहा कि जोशोर जनरल अस्पताल के डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि उन्होंने 24 शव की गिनती की है। जबकि जीवित बचे होटल कर्मचारियों को डर है कि मलबे में और भी शव हो सकते हैं।
पूरे होटल को किया आग के हवाले
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अवामी लीग सरकार का विरोध करने वाली उग्र भीड़ ने होटल के ग्राउंड फ्लोर पर आग लगा दी। यह आग देखते ही देखते ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। पूरे बांग्लादेश से लगभग एक जैसी खबरें आईं हैं। वहां गुस्साई भीड़ ने अवामी लीग के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के आवासों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में एकसाथ तोड़फोड़ की।
सोमवार को प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देकर देश छोड़कर चले जाने के बाद बांग्लादेश में अराजकता फैल गई है। शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक में नेताओं को सूचित किया कि भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मदद का भरोसा दिलाते हुए उन्हें भविष्य की रणनीति तय करने के लिए समय दिया है।
बांग्लादेश में महीनों से चल रहे आरक्षण विरोधी छात्र आंदोलन के बाद देश से फरार होने से पहले शेख हसीना ने सोमवार को पीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने बांग्लादेश छोड़ दिया और ढाका से भारत पहुंचीं। अब नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार होंगे।
मरने वालों की संख्या 440 हुई
बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 440 हो गई। स्थानीय मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से सोमवार को इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद हुई हिंसा की घटनाओं में 100 से ज्यादा की मौत हुई है। हिंसा प्रभावित देश में सेना स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई है।
'बीडीन्यूज24 डॉट कॉम' समाचार पोर्टल ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ने के बावजूद मंगलवार को स्थिति सामान्य होने के संकेत मिले तथा पुलिस और सेना सड़कों पर गश्त कर रही है। न्यूज पोर्टल ने कहा कि सोमवार को अशांति और रातभर के तनावपूर्ण हालात के बाद ढाका में मंगलवार सुबह स्थिति मुख्य रूप से शांत रही। रिपोर्ट के अनुसार, बस और अन्य सार्वजनिक वाहन सड़कों पर नजर आए और स्थानीय दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें खोलीं।
समाचार पोर्टल ने बताया कि सरकारी वाहन कार्यालयों की ओर जाते दिखाई दिए और बैटरी चालित कई रिक्शा भी सड़कों पर नजर आए। बांग्लादेश में सोमवार को उस समय अराजकता फैल गई, जब शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से अचानक इस्तीफा दे दिया और सैन्य विमान से देश छोड़कर चली गईं। हसीना के देश छोड़कर जाने की खबर फैलते ही सैकड़ों लोगों ने उनके आवास में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट की।