कोरोना वायरस का जन्मदाता चीन में फिर कोरोना वायरस जैसी महामारी आने की आशंका जताई जा रही है। अगर यह महामारी चीन से बाहर गई तो फिर से पूरी दुनिया घरों के भीतर कैद होने के लिए मजबूर हो जाएगी। लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। चीन की वुहान लैब कोरोना वायरस महामारी के बाद फिर से सुर्खियों में आ गई है। इस वुहान लैब में ही कोरोना वायरस की तरह का एक नया वायरस मिला है। इसका नाम HKU5-CoV-2 है। यह वायरस अभी जानवरों में मिला है। इसांनों में नहीं फैला है। लेकिन जानवरों से इंसानों में आसानी से फैल सकता है।
इस वायरस में भी कोविड-19 के लिए जिम्मेदार वायरस SARS-CoV-2 की तरह ह्यूमन रिसेप्टर पाया गया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक शी झेंगली ने इस वायरस पर स्टडी करने वाले टीम की अगुआई की है। टीम में गुआंगजौ लेबोरेट्री, गुआंगजो साइंस एकेडमी, वुहान यूनिवर्सिटी और वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिक शामिल थे। यह स्टडी 18 फरवरी को पीयर-रिव्यूड जर्नल सेल में छपी है।
कोरोना जैसे इस नए वायरस से चीनी वैज्ञानिक चौकन्ना
चीनी वैज्ञानिकों को रिसर्च में पता चला है कि नए वायरस से कोरोना की तरह ही मानव कोशिकाएं संक्रमित हो सकती हैं। यह न सिर्फ चमगादड़ बल्कि इंसानों समेत कई जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है। स्टडी में भी पता चला है कि इस नए वायरस के चमगादड़ से इंसानों में फैलने का खतरा काफी ज्यादा है। हालांकि इसके इंसान से जुड़ने की क्षमता कोरोना वायरस से कम है। यह वायरस मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS) के कारण बनने वाले कोरोनावायरस परिवार से बेहद नजदीक है। फिलहाल इस खतरे की आशंका को देखते हुए चीनी वैज्ञानिक चौकन्ना हो गए हैं और अपनी निगरानी बढ़ा दी है। इसके जानवरों से इंसानों में फैलने की संभावना को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।
कोरोना महामारी पर अमेरिका ने किया था यह दावा
इस खोज के बाद एक बार फिर से कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर बहस तेज हो गई है। हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने दावा किया था कि कोविड-19 महामारी प्राकृतिक नहीं थी। बल्कि यह वायरस लैब से लीक हुआ था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस वायरस को “चीनी वायरस” कहकर संबोधित करते रहे हैं। हालांकि, चीन इन सभी दावों को नकारता रहा है और यह दावा करता है कि वायरस की उत्पत्ति प्राकृतिक रूप से हुई थी।
चीन में HMPV का बच्चों पर खतरा
कोविड-19 के 5 साल बाद चीन में फिर एक बार नए वायरस का संक्रमण फैला था। इसके लक्षण भी कोरोना वायरस की तरह ही थे। इस नए वायरस का नाम ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) था। वायरस से संक्रमित होने पर मरीजों में सर्दी और कोविड-19 जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखा गया था। इनमें 2 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे। इसके लक्षणों में खांसी, बुखार, नाक बंद होना और गले में घरघराहट शामिल था। HMPV के अलावा इन्फ्लुएंजा ए, माइकोप्लाज्मा निमोनिया और कोविड-19 के केस भी सामने आए थे।