Elon Musk ने लॉन्च के कुछ ही घंटे बाद 'Official' लेबल रद्द किया, आखिर नए बॉस चाहते क्या हैं?

लाइव होते ही यह लेबल कई सरकारी अकाउंट्स और हाई प्रोफाइल लोगों के अकाउंट्स के साथ दिखा। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई मंत्री भी शामिल थे। लेकिन, कुछ ही घंटे बाद यह दिखना बंद हो गया। इससे लोग उलझन में पड़ गए

अपडेटेड Nov 10, 2022 पर 10:52 AM
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Elon Musk दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वह Tesla के सीईओ हैं।

Elon Musk ने जब से Twitter को खरीदा है, वह और यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सुर्खियों में बने हुए हैं। मस्क ने बुधवार को एक नया ऑफिशिल लेवल लॉन्च किया। लाइव होते ही यह लेबल कई सरकारी अकाउंट्स और हाई प्रोफाइल लोगों के अकाउंट्स के साथ दिखा। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई मंत्री भी शामिल थे। लेकिन, कुछ ही घंटे बाद यह दिखना बंद हो गया। इससे लोग उलझन में पड़ गए। यह उलझन तब दूर हुई, जब मस्क ने इस बारे में खुद एक ट्वीट किया।

मस्क ने ट्वीट में कहा-"I just killed it." इसके बाद यह साफ हो गया कि ट्विटर ने जिस ऑफिशियल लेबल को लॉन्च किया था, उसे वापस ले लिया है। मस्क ने यूजर्स को यह भी बताया कि Twitter आने वाले महीनों में ऐसी कई मूर्खतापूर्ण चीजें करता रहेगा। उनका मतलब यह था कि कंपनी एक्सपेरिमेंट करेगी और यह देखेगी कि कौन सी चीज उसके लिए फायदेमंद है और कौन सी चीज नहीं है।

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Musk ने 28 अक्टूबर को Twitter का अधिग्रहण कर लिया। तब से वह कई बड़े कदम उठा चुके हैं। उनका फोकस सबसे पहले ट्विटर को मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनाना है। इसी मकसद को ध्यान में रख उन्होंने बड़ी संख्या में एंप्लॉयीज को नौकरी से निकाल दिया। बताया जाता है तो करीब 50 फीसदी एंप्लॉयीज को नौकरी से हटा दिया गया है। फिर, उन्होंने 'ब्लू टिक' के लिए पैसे वसूलने का ऐलान किया। अब तक ब्लू टिक अकाउंट वाले यूजर से ट्विटर कोई पैसा नहीं लेती थी।

अब ब्लू टिक अकाउंट वाले यूजर को हर माह 8 डॉलर की फीस ट्विटर को चुकानी होगी। ब्लू टिक किसी यूजर अकाउंट की ऑथेंटिसिटी बताता है। इसका मतलब यह है कि यह अकाउंट उसी व्यक्ति, कंपनी या संस्थान का नाम है, जिसका नाम इस पर लिखा है। ब्लू टिक की फैसिलिटी को चार्जेबल बना देने के बाद यह देखना होगा कि कितने यूजर्स इसके लिए पेमेंट करते हैं।

9 नवंबर को ट्टिवर का ऑफिशियल लेबल कई सरकारी और कंपनियों के ट्विटर अकाउंट के साथ नजर आया। इनमें Apple और BMW जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल थीं। व्हाइट हाउस के अकाउंट के साथ भी यह लेबल देखने को मिला। यह माना गया है कि ट्विटर ब्लू टिक से अलग एक नए लेबल का इस्तेमाल करना चाहती है। लेकिन, कुछ ही घंटों बाद इसे हटा लिया गया।

माना जा रहा है कि ऑफिशियल लेबल को लेकर कंपनी का विजन साफ नहीं होने की वजह से इसे हटाया गया। कई यूजर्स ने पूछा है कि कोई कैसे ब्लू टिक और ऑफिशियल लेबल में फर्क करेगा। दोनों ही अकाउंट्स ट्विटर के वेरिफायड अकाउंट्स होंगे। हालांकि, यह बताया गया है कि ऑफिशियल लेबल के लिए पैसे वसूलने की कंपनी की कोई योजना नही थी।

Elon Musk दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वह Tesla के सीईओ हैं। टेस्ला इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। उन्होंने 44 अरब डॉलर में ट्विटर को खरीदा है। हालांकि, इस डील के रास्ते में कई उतार-चढ़ाव आए। मस्क के डील से पीछे हटने के बाद यह मामला कोर्ट में पहुंचा। फिर कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मस्क ने इसे 28 अक्टूबर को खरीद लिया।

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