Kailash Mansarovar Yatra : भारत और चीन कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर राजी हो गए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से यह जानकारी साझा की गई है। बता दें कि कैलाश मानसरोवर यात्रा बीते पांच साल से रुकी हुई थी। साल 2020 में भारत और चीन में बढ़ते तनाव को देखते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा रोक दी गई थी। हिंदुओं की मान्यता है कि कैलाश मानसरोवर भगवान शिव का निवास स्थान है और इसलिए हर बड़े संख्या में लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा करते हैं।
फिर से शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा
भारत और चीन ने सीमा पर वर्षों से चल रहे तनाव के बाद 2020 से बंद पड़ी कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। दोनों पक्षों के बीच एक विशेष प्रतिनिधि बैठक के दौरान यह सहमति बनी है। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक के दौरान नई दिल्ली और बीजिंग ने दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने पर भी सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है। मिस्री 26-27 जनवरी, 2025 को भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के लिए चीन के उप विदेश मंत्री के साथ बैठक के लिए बीजिंग की दो दिवसीय यात्रा पर हैं।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया कि, "दोनों पक्षों ने 2025 की गर्मियों में कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। मौजूदा समझौतों के अनुसार ऐसा दोनों देश करने के तौर-तरीकों पर आगे चर्चा करेंगे।" बयान में आगे कहा गया कि, दोनों देशों के बीच सीधी हवाई सेवाएं फिर से शुरू करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने के साथ ही, दोनों पक्षों ने लोगों के बीच आपसी बदलाव को बढ़ावा देने और सुविधा प्रदान करने, सीमा पार नदी सहयोग को बढ़ावा देने और हाइड्रोलॉजिकल डेटा के प्रावधान को फिर से शुरू करने पर भी सहमति जताई है। इस बैठक चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध के बारे में भारत की चिंताओं से अवगत कराया गया।