India-China dispute: सीमा विवाद सुलझाने में हुई 'बड़ी सकारात्मक प्रगति', PM मोदी की टिप्पणी पर चीन का फिर आया बयान

India-China dispute: पीएम मोदी ने चीन के साथ जारी सीमा विवाद पर एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरा मानना ​​​​है कि हमें अपनी सीमाओं पर लंबे समय से बरकरार हालात का तत्काल समाधान करने की आवश्यकता है ताकि हमारी द्विपक्षीय बातचीत में असहजता को पीछे छोड़ा जा सके

अपडेटेड Apr 12, 2024 पर 5:35 PM
India-China dispute: चीन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच बड़ी सकारात्मक प्रगति हुई है

India-China dispute: चीन ने 'न्यूजवीक' मैगजीन के साथ एक इंटरव्यू (PM Modi Newsweek Interview) में सीमा विवाद से जुड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की टिप्पणियों पर दो दिनों में दूसरी बार प्रतिक्रिया व्यक्त की है। चीनी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार (12 अप्रैल) को कहा कि चीन और भारत ने सीमा गतिरोध को हल करने के लिए 'बड़ी सकारात्मक प्रगति' की है और दोनों पक्षों के बीच गहन संवाद जारी है। इससे पहले चीन ने गुरुवार को कहा था कि 'मजबूत और स्थिर संबंध' चीन और भारत के साझा हितों की पूर्ति करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि नई दिल्ली के लिए बीजिंग के साथ संबंध महत्वपूर्ण हैं और सीमाओं पर 'लंबे समय से जारी हालात' का समाधान तत्काल करना चाहिए। अमेरिकी मैगजीन 'न्यूजवीक' के साथ इंटरव्यू में पीएम मोदी ने आशा जताई थी कि राजनयिक और सैन्य स्तरों पर सकारात्मक एवं रचनात्मक द्विपक्षीय बातचीत के माध्यम से दोनों देश अपनी सीमाओं पर शांति और स्थिरता बहाल करने और बनाए रखने में सक्षम होंगे।

भारत-चीन के बीच संवाद जारी


चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ ने 'न्यूजवीक' को दिए गए पीएम मोदी के इंटरव्यू पर एक सवाल के जवाब में कहा, "सीमा मुद्दे के बारे में मैं आपको बता सकती हूं कि चीन और भारत के बीच राजनयिक एवं सैन्य चैनलों के माध्यम से गहन संवाद हुए हैं और बड़ी सकारात्मक प्रगति हुई है।" न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, "हम यह भी मानते हैं कि चीन और भारत के बीच स्वस्थ संबंध दोनों देशों के हितों की पूर्ति करते हैं।"

माओ ने कहा, "चीन को उम्मीद है कि भारत मतभेदों को ठीक से संभालने और द्विपक्षीय संबंधों को स्वस्थ एवं स्थिर मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए चीन के साथ इसी सकारात्मकता के साथ काम करेगा।" पिछले कुछ दिनों में यह दूसरा मौका है जब चीन ने पीएम मोदी के इंटरव्यू पर प्रतिक्रिया दी है।

इससे पहले माओ ने गुरुवार को पीएम मोदी के इंटरव्यू पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि चीन ने प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियों पर गौर किया है। उन्होंने कहा, "मजबूत और स्थिर चीन-भारत संबंध दोनों देशों के हितों की पूर्ति करते हैं और क्षेत्र एवं उससे परे शांति तथा विकास के लिए जरूरी हैं।"

पीएम मोदी ने क्या कहा था?

दोनों देशों के बीच सीमा विवाद पर पीएम मोदी ने अपने इंटरव्यू में कहा, "मेरा मानना है कि हमें अपनी सीमाओं पर लंबे समय से चल रही स्थिति का तत्काल समाधान करने की आवश्यकता है ताकि हमारी द्विपक्षीय बातचीत में असामान्यता को पीछे छोड़ा जा सके।" उन्होंने कहा, "भारत और चीन के बीच स्थिर एवं शांतिपूर्ण संबंध न केवल दोनों देशों, बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं।"

प्रधानमंत्री मोदी ने आशा व्यक्त की कि राजनयिक और सैन्य स्तरों पर सकारात्मक और रचनात्मक द्विपक्षीय जुड़ाव के माध्यम से दोनों देश अपनी सीमाओं पर शांति बहाल करने और इसे बनाए रखने में सक्षम होंगे। हाल के दिनों में किसी अमेरिकी मैगजीन को दिए गए अपने पहले इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लिए चीन के साथ संबंध महत्वपूर्ण और अहम हैं।

2020 में हुई थी हिंसक झड़प

पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद 5 मई, 2020 को पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध उत्पन्न होने के बाद से व्यापार संबंधों को छोड़कर भारत और चीन के बीच संबंधों में ठहराव आया हुआ है। गतिरोध को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष अब तक कोर कमांडर स्तर की 21 दौर की वार्ता कर चुके हैं। चीनी सेना के अनुसार दोनों पक्ष अब तक चार प्वाइंट गलवान घाटी, पैंगोंग झील, हॉट स्प्रिंग्स और जियानान दबन (गोगरा) से पीछे हटने पर सहमत हुए हैं।

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पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) पर डेपसांग और डेमचोक इलाकों से सेना हटाने का दबाव बना रहा है। उसका कहना है कि जब तक सीमाओं पर असहज हालात बने रहेंगे तब तक चीन-भारत के संबंधों में सहज स्थिति की बहाली नहीं हो सकती।

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