इजराइल की मदद करने वाले देशों में आतंकी हमले, हत्या और अपहरण कराता है ईरान

कम लोगों को पता है कि ईरान पिछले कई साल से पश्चिमी देशों में हत्या और अपहरण जैसे वारदातों को अंजाम देता आ रहा है। पिछले कुछ सालों में ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2020 के बाद से पश्चिमी देशों में हत्या और अपहरण के ऐसे कम से कम 33 मामले सामने आ चुके हैं

अपडेटेड Oct 06, 2024 पर 6:59 PM
हाल में एथेंस में एक ऐसी इमारत को निशाना बनाया गया, जिसमें यहूदियों का सेंटर और एक रेस्टोरेंट था।

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते टेंशन ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। अगर इस लड़ाई का दायरा बढ़ता है तो उन देशों पर भी इसका असर पड़ेगा, जो भौगोलिक रूप से मध्यपूर्व से काफी दूर स्थित हैं। लेकिन, कम लोगों को पता है कि ईरान पिछले कई साल से पश्चिमी देशों में हत्या और अपहरण जैसे वारदातों को अंजाम देता आ रहा है। पिछले कुछ सालों में ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2020 के बाद से पश्चिमी देशों में हत्या और अपहरण के ऐसे कम से कम 33 मामले सामने आ चुके हैं। लोकल और इजराइली अथॉरिटीज ने इनके पीछे ईरान का हाथ बताया है। रायटर्स को सरकारी अधिकारियों के बयान और कोर्ट से जुड़े डॉक्युमेंट्स से ये जानकारियां मिली हैं।

हमलों के एवज में एजेंट्स को पैसे देता है ईरान

हाल में एथेंस (Athens) में एक ऐसी इमारत को निशाना बनाया गया, जिसमें यहूदियों (Jews) का सेंटर और एक रेस्टोरेंट था। एक पाकिस्तानी ने जिसका नाम फकर अब्बास है, उसने ईरान (Iran) में अपने संपर्क के जरिए ग्रीस में रहने वाले एक व्यक्ति को इस हमले की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस हमले की जांच के बाद यह जानकारी कोर्ट को दी गई है। अब्बास ने अपने कॉन्टैक्ट को बताया था कि वह एक ऐसे समूह के लिए काम कर रहा है, जो हर हत्या के बदले 15,000 यूरो देगा।


कई सीक्रेट एजेंसियों के जरिए हत्या और अपहरण कराए जाते हैं

जनवरी 2023 के व्हाट्सएप चैट की जानकारी भी कोर्ट को सौंपे गए डॉक्युमेंट्स में शामिल हैं। इस चैट में दो लोग इस बारे में बात कर रहे हैं कि बम से सिर्फ हमले करने हैं या उसके बाद आग भी लगानी है। अब्बास को इस पर जोर देते हुए पाया गया है कि हमलों के बात हताहतों के सबूत पेश करने होंगे। फिर वह कहता है कि इसमें सीक्रेट एजेंसियां शामिल हैं। इसलिए अपना काम इस तरह से करें ताकि इन एजेंसियों को शिकायत करने का कौई मौका नहीं मिले।

ग्रीस में ऐसे हमलों की जांच से कई खुलासे

पिछले साल ग्रीक अथॉरिटीज ने एक दूसरे पाकिस्तानी सैय्यद इरतजा हैदर को गिरफ्तार किया था। बाद में अथॉरिटीज ने दावा किया था कि पुलिस की मदद से एक आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है, जिसे विदेश से ऐसे हमलों को अंजाम देने के निर्देश मिल रहे थे, जिसमें जानमाल का नुकसान हो सके। इस मामले में गिरफ्तार दो लोगों पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं। हालांकि, दोनों ने खुद को बेकसूर बताया है।

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पकड़े जाने पर जुर्म कबूल नहीं करते हमलावर

इस साल जमानत पर जेल से बाहर आने पर हैदर ने कहा कि वह निर्दोष है। रायटर्स से बातचीत में उसने कहा कि उसने अब्बास को इमारत की फोटो भेजी थी। लेकिन, वह हमले को अंजाम नहीं देना चाहता था, क्योंकि उसे उम्मीद थी कि किसी को नुकसान पहुंचाए बगैर उसे पैसे मिल जाएंगे। उसने कहा का वह हमलों की बातचीत तो करता था लेकिन किसी हमले में शामिल नहीं होता था। उसने कहा कि वह कभी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल नहीं हुआ। पाकिस्तान के पुलिस अफसरों का कहना है कि उस पर अपने देश में हत्या में शामिल होने का संदेह है। पुलिस उसका तलाश कर रही है।

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