Israel-Hamas War: इजराइली सेना ने हमास आतंकी तैसीर मुबाशेर को किया ढेर! युद्ध में 7200 लोगों की मौत, भारत ने जताई चिंता

Israel-Hamas War: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी उपप्रतिनिधि आर रवींद्र ने मंगलवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर सुरक्षा परिषद की बैठक में यह टिप्पणी की। रवींद्र ने कहा कि भारत बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और संघर्ष में बड़े पैमाने पर आम नागरिकों की मौत से बहुत चिंतित है। बढ़ता मानवीय संकट भी उतना ही चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती शत्रुता ने न सिर्फ गंभीर मानवीय स्थिति को और खराब कर दिया है

अपडेटेड Oct 25, 2023 पर 3:22 PM
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Israel-Hamas War: इजराइल-हमास युद्ध में अब तक 7,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है

Israel-Hamas War Conflict News Updates: भारत ने इजराइल और फिलिस्तीनी आतंकी समूह हमास में जारी संघर्ष में बड़े पैमाने पर आम नागरिकों की मौत और सुरक्षा की खराब होती स्थिति पर गंभीर चिंता जताया है। भारत ने सभी पक्षों से शांति के लिए आवश्यक परिस्थितियां बनाने और तनाव कम कर सीधी बातचीत फिर से शुरू करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया है। इस बीच, इजराइली सेना ने हमास के उत्तरी खान यूनिस बटालियन के कमांडर और वरिष्ठ हमास आतंकवादी तैसीर मुबाशेर को मार गिराया है। मुबाशेर ने पहले हमास के नौसैनिक बलों के कमांडर के रूप में काम किया था।

युद्ध में भारत का बयान

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी उपप्रतिनिधि आर रवींद्र ने मंगलवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर सुरक्षा परिषद की बैठक में यह टिप्पणी की। रवींद्र ने कहा कि भारत बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और संघर्ष में बड़े पैमाने पर आम नागरिकों की मौत से बहुत चिंतित है। बढ़ता मानवीय संकट भी उतना ही चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती शत्रुता ने न सिर्फ गंभीर मानवीय स्थिति को और खराब कर दिया है। बल्कि संघर्ष-विराम की नाजुक प्रकृति को एक बार फिर रेखांकित किया है।


पीटीआई के मुताबिक, रवींद्र ने कहा, "मौजूदा संघर्ष में नागरिकों का हताहत होना लगातार गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। सभी पक्षों को नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की रक्षा करनी चाहिए। वर्तमान मानवीय संकट से निपटने की जरूरत है।" भारत ने सभी पक्षों से शांति के लिए आवश्यक परिस्थितियां बनाने, तनाव कम करने और हिंसा से बचने सहित सीधी बातचीत फिर से शुरू करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।

'दो-राष्ट्र समाधान' का समर्थन

रवींद्र ने कहा, "मौजूदा तनाव ने इजराइल और फलस्तीन के बीच सीधी एवं विश्वसनीय बातचीत को तत्काल फिर से शुरू करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। इन वार्ताओं को फिर से शुरू करने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने के वास्ते हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।" उन्होंने कहा कि इजराइल की वैध सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर भारत ने हमेशा इजराइल-फलस्तीन मुद्दे पर बातचीत के जरिए 'दो-राष्ट्र समाधान' का समर्थन किया है, जिससे फलस्तीन की एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य देश के रूप में स्थापना हो सके, जो सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर इजराइल के साथ शांति से रह सके।

उन्होंने कहा कि हम इस दिशा में प्रत्यक्ष शांति वार्ता को शीघ्र फिर से शुरू करने की आवश्यकता दोहराते हैं। सामान्य स्थिति बहाल करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय और वैश्विक खिलाड़ियों के सभी प्रयासों का स्वागत करते हुए रवींद्र ने इजराइल-फलस्तीन मुद्दे का न्यायसंगत, शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान प्राप्त करने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

गाजा पर हमला कब बंद करेगा इजराइल?

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि उनका देश गाजा पट्टी में लक्ष्यों पर हमला करना बंद नहीं करेगा, जब तक कि हमास पूरी तरह से नष्ट नहीं हो जाता। नेतन्याहू ने यह बात इजरायली रक्षा बलों की एक विशेष इकाई याहलोम के सैनिकों के साथ बातचीत करते हुए कही। उन्होंने सैनिकों से कहा कि इजरायल युद्ध के अगले चरण की प्रतीक्षा कर रहा है जो जल्द ही आएगा। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल जबरदस्त ताकत से दुश्मन पर हमला कर रहा है। आतंकी संगठन हमास को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइली सेना उत्तरी इलाकों के साथ-साथ वेस्ट बैंक में भी हमले कर रही है। इस बीच, इजराइल का कहना है कि ईरान खुफिया जानकारी साझा करने में हमास की मदद कर रहा है।

UN पर इजराइल का पलटवार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को कहा कि 7 अक्टूबर को हमास द्वारा किए गए हमले यूं ही नहीं हुए। मीडिया की खबरों के अनुसार, गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक में कहा, "फिलिस्तीन 56 वर्षों से दमघोंटू कब्जे का शिकार रहा है। इसलिए, 7 अक्टूबर का हमला यूं ही नहीं हुआ है।" उन्होंने कहा कि फ़िलिस्तीनियों ने देखा है कि उनकी जमीन बस्तियों द्वारा लगातार निगली जा रही है...वे हिंसा से त्रस्त है। उनकी अर्थव्यवस्था ठप्प हो गई है। उनके लोग विस्थापित हो गए हैं और उनके घर ध्वस्त हो गए हैं।

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संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि अपनी दुर्दशा के राजनीतिक समाधान की उनकी उम्मीदें खत्म होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सशस्त्र संघर्ष में कोई भी पक्ष अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं गाजा में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के स्पष्ट उल्लंघनों के बारे में बहुत चिंतित हूं जो हम देख रहे हैं।

इस बीच, इजराइलियों ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे "चौंकाने वाला", "भयानक" और "हमारे क्षेत्र की वास्तविकता से पूरी तरह से अलग" बताया है। संयुक्त राष्ट्र में इजराइली दूत गिलाद एर्दान ने कहा, "उनकी टिप्पणियां आतंकवाद और हत्या को जायज ठहराती हैं।" उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि ऐसे विचारों वाला व्यक्ति उस संगठन का प्रमुख है जो नरसंहार के बाद उभरा था।

इस बीच, कॉम्बैट एंटीसेमिटिज्म मूवमेंट (CAM) ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की टिप्पणियों पर नाराजगी जताई है। गैरलाभकारी संगठन ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की टिप्पणी पर उनके इस्तीफे की मांग की है। गुटेरेस ने 7 अक्टूबर के हमास नरसंहार के लिए इजरायल को दोषी ठहराया था, जिसके कारण 1,400 इजरायलियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और 200 से अधिक बंधक हैं।

7200 लोगों की मौत

इजराइल-हमास युद्ध में अब तक 7,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इजराइली हवाई हमलों में कब्जे वाले वेस्ट बैंक में कम से कम 5,790 गाजावासी और 96 फिलिस्तीनी मारे गए है। वहीं, हमास द्वारा इजराइल में 1,400 से अधिक लोगों की हत्या कर दी गई और 220 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया है। इस सप्ताह हमास द्वारा चार महिला बंधकों को रिहा किया गया था।

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