Israel Hamas War: कितनी बड़ी है इजराइल की सेना? गाजा पर जमीनी हमले के लिए इकट्ठा किए 3,00,000 रिजर्व सैनिक

Israel Hamas War: इसमें कोई दो राय नहीं कि मीडिल ईस्ट (Middle East) के इलाके में इजराइल सबसे शक्तिशाली देश है। पूरी दुनिया उसके बेहतरीन इंटेलिजेंस और जबरदस्त सैन्य ताकत का लोहा मानती है। इजराइल आतंकवादियों पर जवाबी हमला करने के लिए अपनी विशाल सैन्य क्षमताओं का पूर ताकत के साथ इस्तेमाल कर रहा है

अपडेटेड Oct 13, 2023 पर 12:50 PM
Israel Hamas War: कितनी बड़ी है इजराइल की सेना?

Israel Hamas War: हमास (Hamas) के घातक हमले में सैकड़ों लोगों की मौत के बाद इजराइल (Israel) अब गाजा की घेराबंदी कर रहा है। आसमान से लगातार इजराइल के रॉकेट गाजा पट्टी (Gaza Strip) पर कहर बन कर बरस रहे हैं। इजराइल का दावा है कि उसने शनिवार की घुसपैठ और भीषण रॉकेट हमलों के बाद से अब तक करीब 1500 आतंकवादियों को मार गिराया है। इसमें कोई दो राय नहीं कि मीडिल ईस्ट (Middle East) के इलाके में इजराइल सबसे शक्तिशाली देश है। पूरी दुनिया उसके बेहतरीन इंटेलिजेंस और जबरदस्त सैन्य ताकत का लोहा मानती है। इजराइल आतंकवादियों पर जवाबी हमला करने के लिए अपनी विशाल सैन्य क्षमताओं का पूर ताकत के साथ इस्तेमाल कर रहा है।

इजराइल के ब्रिगेडियर जनरल डैन गोल्डफस ने कहा, "हम आक्रामक होने जा रहे हैं। गाजा में मौजूद हमास आतंकवादी समूह के साथ जो भी कोई दूसरा गुट होगा, उस पर हमला करेंगे। हम गाजा को अब पूरी तरह से बदल देंगे, ताकि ऐसा दोबारा न हो।"

हमास का ये हमला इजराइली इतिहास में आतंकवादियों की तरफ से किया गया, अब तक का सबसे घातक हमला है। जवाब में, सेना ने अपने 300,000 रिजर्विस्ट को जुटा लिया है। ऐसा अनुमान है कि इजराइल अब गाजा पर जमीनी हमला करने की तैयारी में है।


आइए एक नजर डालते हैं इजराइल की सैन्य ताकत और उसके पास मौजूद उन हथियारों संसाधनों पर, जिनका इस्तेमाल वो हमास के खिलाफ कर सकता है।

कितनी बड़ी है इजराइल की सेना?

इजराइल डिफेंस फोर्स यानि IDF इसकी नेशनल मिलिट्री है। किसी और देश की तरह ही इसकी ब्रांच हैं- इजरायली ग्राउंड फोर्स, इजरायली एयर फोर्स और इजरायली नेवी

1948 में स्थापना के बाद से ही इजरायल में देश के हर नागरिक को एक तय समय के लिए सेना में काम करना अनिवार्य है। पुरुष हो या महिला, 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिकों को कम से कम 24 से 32 महीने तक सेना में सेवा देना अनिवार्य है। हालांकि, इसमें कुछ अपवाद भी हैं, जैसे धार्मिक महिलाएं, विवाहित व्यक्ति और विकलांग लोगों पर ये नियम लागू नहीं होता।

Israel Army AP

इजराइल की सेना में फिलहाल 1,73,000 सक्रिय सैनिक हैं, जिनमें 8,000 कमांडर भी शामिल हैं। हमास के हमले के बाद इजराइल की सेना ने अपने अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशन की तैयारी की है। इसके लिए 300,000 आरक्षित सैनिकों को भी बुलाया है। इसमें शामिल होने के लिए विदेशों से रिजर्व सैनिकों को लाने के लिए स्पेशल फ्लाइट तक भेजी जा रही हैं।

इजराइल हमास के खिलाफ लड़ने के लिए सायरेट मटकल यूनिट से अपनी स्पेशल फोर्स को भी बुला रहा है। ऐसा माना जाता है कि उनका टारगेट आतंकवादी संगठन के भीतर उनके टॉप मोस्ट लड़ाकों को बेअसर करना और बंधक बनाए गए इजरायलियों को छुड़ाना होगा। 2021 में इजरायल का सैन्य खर्च 24.34 अरब डॉलर था।

इजरायली सेना के पास कौन से हथियार हैं?

गाजा पट्टी पर हमले के लिए इजरायली सेना पहले ही 600 विमानों और 300 रॉकेट लॉन्चर्स का इस्तेमाल कर चुकी है। जमीनी सैनिकों को साथ इजराइल के 300 टैंक मैदान में लड़ रहे हैं। इसके अलावा करीब 2,000 टैंक अभी भी इस्तेमाल के लिए मौजूद हैं।

इजराइल का मर्कवा टैंक जर्मन लेपर्ड 2 वॉर टैंक जैसा ही है, जिसका यूक्रेन में काफी इस्तेमाल किया गया है। इस टैंक में अंदर बैठे क्रू की सुरक्षा के लिए एक मोटी फ्रंट कवच प्लेट है और ये 120mm मेन गन से लैस है।

Israel Tanks (2)

सोमवार को इजराइली वायु सेना ने कहा कि उसने 24 घंटे से भी कम समय में गाजा पर 10,000 से ज्यादा टारगेट को निशाना बनाकर लगभग 2,000 युद्ध सामग्री और 1,000 टन से ज्यादा बम गिराए हैं।

इजराइल की वायु सेना अपने Kfir लड़ाकू विमानों के लिए जानी जाती है। उसके पास अमेरिका से लिए गए F-35 लाइटनिंग-II जेट भी हैं।

माना जाता है कि न्यूक्लियर थ्रेट इनिशिएटिव (NFI) के अनुसार, IDF ने 1967 से अनुमानित 90 वॉरहेड के साथ परमाणु हथियार क्षमता बनाए रखी है। हालांकि इजराइल आधिकारिक तौर पर कभी इसकी पुष्टि नहीं करता है।

क्या है इजराइल का आयरन डोम?

आयरन डोम एक इजरायली मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है। इजरायल दुनिया का अकेला ऐसा देश है, जो राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे सिस्टम ऑपरेट कर रहा है।

इस सिस्टम को कम दूरी के रॉकेट और आर्टिलरी के गोले को रोकने और नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। मिसाइल डिफेंस सिस्टम इजराइल के सबसे महत्वपूर्ण उपकरणों में से एक है। 2011 में चालू होने के बाद से इसने कई नागरिकों की जान बचाई है।

IDF ने कहा कि मई में इस्लामिक जिहादियों की तरफ से दागे गए मिसाइल हमले के दौरान सिस्टम का सक्सेस रेट 95.6% थी। पूरे इजराइल में 10 आयरन डोम बैटरियां हैं और हर एक 11 किलोग्राम विस्फोटक अपने ले जा सकती है।

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अमेरिका ने आयरन डोम के निर्माण और रखरखाव में योगदान दिया। इसने 2011 से 2021 तक सिस्टम पर 1.6 अरब डॉलर खर्च किए।

हर एक मिसाइल की लागत करीब 40,000 डॉलर है। इसलिए हमास के आने वाले हजारों रॉकेट को रोकना इजराइल के लिए महंगा हो सकता है।

IDF का कहना है कि आयरन डोम पूरी तरह से डिफेंसिव सिस्टम है और इसमें हमला करने की कोई क्षमता नहीं है। हमास के हमलों के दौरान बड़े मिसाइल हमले झेलने के बाद अब इजराइल ने अमेरिका से डिफेंस सिस्टम को फिर से मजबूत करने में मदद करने के लिए कहा है।

कैसे काम करता है आयरन डोम?

The Hill की एक रिपोर्ट में इजराइल के रक्षा मंत्रालय के हवाले से कहा गया, "आयरन डोम्स रॉकेट का रूट क्या है, इसका पता लगाने के लिए मल्टी-मिशन रडार का इस्तेमाल करता है। सिस्टम का कमांड और कंट्रोल सेंटर रॉकेट के ट्रेजेक्टरी और वो इस इलाके में गिर सकता है, उसका पता लगाता है।"

इसके बाद लॉन्चर को रॉकेट दागने और आने वाले रॉकेट को रोकने के लिए कमांड और कंट्रोल यूनिट से कमांड मिलती है। रिपोर्ट में कहा गया है, "सिस्टम का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ये तय करता है कि आने वाली मिसाइल से लोगों को खतरा होगा या नहीं। अगर कोई मिसाइल खतरा नहीं है, तो सिस्टम उस रॉकेट को गिरने देगा।"

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