Lebanon Blasts: मिडिल ईस्ट के देश लेबनान में दुनिया का सबसे बड़ा सीरियल ब्लास्ट हुआ है। ये धमाके किसी मिसाइल, बम से नहीं बल्कि पेजर से किए गए हैं। निशाना था लेबनान का संगठन हिज्बुल्लाह (Hezbollah)। 90 के दशक में कम्युनिकेशन का सबसे बड़ा जरिया होने वाले पेजर उस वक्त सुर्खियों में आ गए, जब हिज्बुल्लाह के लड़ाकों की जेब में रखे पेजर एक के बाद एक ब्लास्ट हो गए। 2700 से ज्यादा लोगों के घायल होने और 11 के मरने की खबर है।
कहा जा रहा है कि यह पूरा जाल इजरायल की जासूसी एजेंसी मोसाद का बिछाया हुआ है और इसकी प्लानिंग काफी पहले से हो चुकी थी। इस सीरियल ब्लास्ट से महीनों पहले हिज्बुल्लाह की ओर से ऑर्डर किए गए 5,000 पेजर्स में से हर एक के अंदर विस्फोटक छिपा दिया गया था। अमेरिकी और अन्य अधिकारियों के हवाले से द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि हिज्बुल्लाह ने ताइवान की कंपनी गोल्ड अपोलो से पेजर मंगवाए थे। लेबनान पहुंचने से पहले ही उनके साथ छेड़छाड़ कर दी गई।
गोल्ड अपोलो ने किया इनकार
ताइवान की गोल्ड अपोलो ने इन जानलेवा पेजर्स की मैन्युफैक्चरिंग से इनकार किया है। रॉयटर्स के मुताबिक, गोल्ड अपोलो का कहना है कि लेबनान में हुए विस्फोटों में जिन पेजर्स का इस्तेमाल किया गया, वे उसने नहीं बनाए हैं। लेकिन यह भी कहा है कि ये पेजर्स BAC नामक उस कंपनी ने बनाए हैं, जिसके पास गोल्ड अपोलो के ब्रांड का इस्तेमाल करने का लाइसेंस है। यानि कि ब्रांड नेम गोल्ड अपोलो का जुड़ रहा है।
साजिश को किस तरह दिया गया अंजाम
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हर एक पेजर में बैटरी के बगल में एक से दो औंस तक एक्सप्लोसिव लगाया गया था। पेजर में एक स्विच भी लगाया गया, जिसे ब्लास्ट करने के लिए रिमोटली ट्रिगर किया जा सकता था। लेबनान में दोपहर 3:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) पेजर पर एक मैसेज आया, जो ऐसा लग रहा था कि हिज्बुल्लाह की लीडरशिप की ओर से आया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मैसेज ने ही एक्सप्लोसिव्स को एक्टीवेट कर दिया।
इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। जब ये धमाके हुए तो कोई फल-सब्जी खरीद रहा था, कोई दुकान पर पेमेंट कर रहा था, तो कोई अपने घर पर था। अचानक से अलग-अलग जगहों पर एक के बाद एक पेजर ब्लास्ट होने लगते हैं।
हिज्बुल्लाह ने इस हमले की साजिश रचने का आरोप इजरायल के मत्थे मढ़ा है। इजरायल की ओर से अभी तक इस हमले को लेकर कोई कमेंट या बयान जारी नहीं हुआ है। न तो उसने इस ब्लास्ट में अपने इनवॉल्वमेंट को कनफर्म किया है, न ही इनकार किया है। ईरान के सपोर्ट वाले हिज्बुल्लाह ने इन पेजर ब्लास्ट्स के बाद इजरायल को करारा जवाब देने की कसम खाई है।