लिटरेचर का नोबेल पुरस्कार (Nobel prize in literature) फ्रांस की 82 वर्षीय लेखिका और उपन्यासकार ऐनी अर्नाक्स दिया गया है। उन्हें यह पुरस्कार उनके “साहस और रोग संबंधी जानकारियों” के लिए दिया गया, जिससे वह व्यक्तिगत स्मृतियों की जड़ों, व्यवस्थाओं और सामूहिक बाधाओं को सामने लाती हैं।
बीते साल, लिटरेचर का नोबेल तंजानिया में जन्मे और ब्रिटेन बेस्ड एक राइटर अब्दुलरजाक गुरनाह (Abdulrazak Gurnah) को मिला था, जिनके उपन्यास पलायन के लोगों और समाज पर असर का उल्लेख करते हैं।
इससे पहले 2018 में यौन संबंधी आरोपों के चलते स्वीडिश एकेडमी में मची उथलपुथल के चलते पुरस्कार टाल दिया गया था। इस मामले में नोबेल लिटरेचर कमिटी से जुड़े नाम भी शामिल थे और सदस्यों के बाहर होना पड़ा था। एकेडमी में व्यापक बदलाव हुए, लेकिन ऑस्ट्रिया के पीटर हैंडके को 2019 का लिटरेचर को नोबेल देने के फैसले पर भी खासी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। उन्हें सर्बिया युद्ध अपराधियों के माफी मांगने वाला बताया गया।
इसी सप्ताह स्वीडन के वैज्ञानिक स्वांते पाबो को फिजियोलॉजी/मेडिसिन के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार विलुप्त हो चुके निएंडरथल मानव के जीनोम का सीक्वेंस तैयार करने के लिए मिला है। निएंडरथल मानव 40 हजार साल पहले विलुप्त हो गए थे, जिनके जीनोम की खोज पाबो ने की है।
एक दिन पहले यानी में बुधवार (5 अक्टूबर) को रसायन शास्त्र (Chemistry) के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने कैरोलिन आर बर्टोजी (Carolyn R. Bertozzi), मोर्टन मेल्डल (Morten Meldal) और के बैरी शार्पलेस (K. Barry Sharpless) को रसायन विज्ञान में 2022 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।