Nobel Prize : क्या है Click Chemistry? दवाइयों में हो रहा इस्तेमाल, इससे कैंसर का इलाज होगा आसान

Morten Meldal, Barry Sharpless और Carolyn Bertozzi को इससे जुड़ी उनकी अहम खोज ‘क्लिक केमिस्ट्री’ के लिए इस बार नोबेल प्राइज के लिए चुना गया है

अपडेटेड Oct 06, 2022 पर 3:53 PM
Click Chemistry के जरिए आज मॉलिक्यूल्स को जोड़कर इनका बड़ा और जटिल ढांचा तैयार किया जा रहा है। इनका इस्तेमाल दवाइयों से लेकर पॉलिमर और नए पदार्थ बनाने में किया जा रहा है

What is Click Chemistry : जटिल मॉलिक्यूल्स का तेजी से निर्माण एक ऐसा क्षेत्र है, जिस पर कई रसायन वैज्ञानिक काम करते हैं। लेकिन, इस बार नोबेल कमिटी ने इसके प्रोसेस को आसान बनाने वाले वैज्ञानिकों को ही केमिस्ट्री के नोबेल प्राइज (chemistry Nobel Prize) के लिए चुना है। Morten Meldal, Barry Sharpless और Carolyn Bertozzi को इससे जुड़ी उनकी अहम खोज ‘क्लिक केमिस्ट्री’ के लिए इस बार नोबेल प्राइज के लिए चुना गया है। हम यहां जटिल केमिकल रिएक्शंस को सरल बनाने वाली इस खोज के बारे में ही बता रहे हैं।

नए मॉलिक्यूल बनाने का प्रोसेस होगा आसान

Click Chemistry मॉलिक्यूल्स को मिलाकर नए मॉलिक्यूल बनाने की प्रक्रिया है। मान लीजिए कि आप छोटे मॉलिक्यूल्स को एक साथ मिला सकें और फिर इन्हें लगातार मिलाकर बड़े, जटिल और अलग मॉलिक्यूल्स बना सकें। इससे नए पदार्थ बनाना काफी आसान हो जाता है। Click Chemistry का यही आधार है। हालांकि, दो अलग-अलग मॉलिक्यूल्स के बीच रिएक्शन होना हमेशा निश्चित नहीं होता।


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मॉलिक्यूल्स को जोड़ने के लिए की केमिकल एजेंट्स की खोज

20 साल पहले वैज्ञानिकों के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती थी। दरअसल, मॉलिक्यूल्स बिना एक-दूसरे के साथ रिएक्शन किए आपस में जुड़ नहीं सकते। मॉर्टेन मिएलडॉल और बैरी शार्पलेस ने इन्हें जोड़ने के लिए ऐसे केमिकल एजेंट्स की खोज की, जो मॉलिक्यूल्स से जुड़ सकते थे और फिर एक के बाद अन्य मॉलिक्यूल्स को भी जोड़कर मॉलिक्यूल्स का जटिल गुच्छा बना सकते थे। इन्हें 'केमिकल बकल्स' कहा गया। जैसे बेल्ट को जोड़ने वाले 'बकल'।

दवाओं से लेकर पॉलिमर में हो रहा इस्तेमाल

बैरी शार्पलेस और मॉर्टेन मिएलडॉल ने अलग-अलग स्तर पर स्वतंत्र रूप से पहले ऐसे बकल्स की खोज की, जो मॉलिक्यूल्स से प्रतिक्रिया कर उनसे जुड़ जाएं। इन बकल्स की खासियत यह थी कि यह खास तरह के मॉलिक्यूल्स से ही जुड़ सकते थे, न कि हर तरह के मॉलिक्यूल्स से। वैज्ञानिक अपनी जरूरत के आधार पर इनमें बदलाव भी कर सकते हैं, ताकि अलग-अलग तरह के मॉलिक्यूल्स को जोड़कर उनकी लंबी चेन बनाई जा सके। इस Click Chemistry के जरिए आज मॉलिक्यूल्स को जोड़कर इनका बड़ा और जटिल ढांचा तैयार किया जा रहा है। इनका इस्तेमाल दवाइयों से लेकर पॉलिमर और नए पदार्थ बनाने में किया जा रहा है।

आसान हो जाएगा कैंसर का इलाज

सरल शब्दों में कहें तो क्लिक केमिस्ट्री एक ड्रग रिकवरी प्रोसेस यानी अपने मतलब की चीज निकालने का प्रोसेस है। इससे रिसर्च प्रोसेस को गति मिल सकती है। क्लिक केमिस्ट्री का इस्तेमाल फार्मास्यूटिकल्स के विकास और DNA की मैपिंग जैसे कामों के लिए किया जाता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, इनकी रिसर्च क्लिक केमिस्ट्री के जरिये बायो-ऑर्थोगोनल रिएक्शन्स के साथ कैंसर के इलाज को आसान बना देगी।

 

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