पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली (National Assembly) ने 21 फरवरी को उस वित्त विधेयक को पारित कर दिया है, जिसमें टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने का प्रस्ताव है। दरअसल, IMF ने पाकिस्तान की सरकार के सामने टैक्स रेवेन्यू बढ़ाने की शर्त रखी थी। इस शर्त के पूरी होने पर पाकिस्तान को IMF से 1.1 अरब डॉलर का कर्ज मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। पाकिस्तान को इस कर्ज की बहुत जरूरत है। अगर यह पैसा नहीं मिला तो पाकिस्तान की सरकार के सामने गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में कुछ ही दिनों के आयात के लिए पैसे बचे हैं। वहां इनफ्लेशन 35 फीसदी तक पहुंच गया है। दूध, ब्रेड और आटा जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि लोगों के लिए उन्हें खरीदना मुश्किल हो गया है।
IMF ने मदद के लिए रखी थी कड़ी शर्त
नेशनल एसेंबली पाकिस्तान की संसद का निचला सदन है। आईएमएफ की चीफ Kristalina Georgieva ने शुक्रवार को जर्मनी में कहा था कि पाकिस्तान को कर्ज हासिल करने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान हालात को और बिगड़ने से रोकना चाहता है तो उसे ज्यादा कमाई करने वाले लोगों पर टैक्स बढ़ाना होगा। साथ ही उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सब्सिडी का फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों को दिया जाए, जिनकी इसकी जरूरत है।
कई चीजों पर बढ़ जाएगा टैक्स
21 फरवरी को नेशनल एसेंबली ने जो बिल पारित किया है, उसे फाइनेंस (सप्लमेंटरी) बिल, 2023 कहा गया है। इसे 'मिनी बजट' भी बताया जा रहा है। इस बिल के पारित होने के बाद लग्जरी आइटम्स पर सेल्स टैक्स 17 फीसदी से बढ़कर 25 फीसदी हो जाएगा। जनरल सेल्स टैक्स को 17 से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया है।
जरूरी सुविधाओं के लिए भी देने होंगे ज्यादा पैसे
अब पाकिस्तान में अच्छे पैसे कमाने वाले लोगों को ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। उन्हें बिजनेस क्लास में हवाई यात्रा करने के लिए ज्यादा कीमत चुकानी होगी। वेडिंग हॉल्स का इस्तेमाल करना महंगा हो जाएगा। मोबाइल फोन और सनग्लासेज के इस्तेमाल तक के लिए अब लोगों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। Geo News ने यह खबर दी है। माना जा रहा है कि पहले से ही बढ़ती महंगाई से परेशान लोगों की मुसीबत और बढ़ जाएगी।
वित्तमंत्री ने इमरान खान पर साधा निशाना
फाइनेंस बिल के पारित होने के बाद वित्तमंत्री इशाक डार ने कहा कि प्रधानमंत्री अगले कुछ दिनों में खर्च में कमी करने वाले उपायों का ऐलान करेंगे। इस बिल को मामूली संशोधन के बाद पारित कर दिया गया। डार ने कहा, "हमें मुश्किल फैसले लेने होंगे।" सरकार ने नेशनल एसेंबली में इस बिल को पिछले हफ्ते पेश किया था। सरकार इसे हफ्ते के अंत तक पारित करा लेना चाहती थी। लेकिन सहगोयी दलों का समर्थन नहीं मिलने की वजह से ऐसा नहीं हो सका।
फाइनेंस मिनिस्टर डार ने PTI सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पीटीआई के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पॉलिसीज को पाकिस्तान की खराब हालात का जिम्मेदार बताया। उन्होंने सदन में अपने भाषण में कहा कि पावर सेक्टर को संभालने में पिछली सरकार विफल रही। उसकी इकोनॉमिक पॉलिसीज ने आज पाकिस्तान को इस मोड़ पर ला खड़ा किया है।
लोगों की जिंदगी जल्द सुधरने के आसार नहीं
वित्त विधेयक के पारित होने के बाद इस फाइनेंशियल ईयर के अंत तक पाकिस्तान को IMF से 170 अरब डॉलर की सहायता मिल जाएगा। लेकिन, जानकारों का कहना है कि बिल में ऐसे प्रस्ताव हैं, जिससे आम लोगों की जिंदगी और मुश्किल हो जाएगी। पहले से ही पाकिस्तान के लोगों में सरकार के खिलाफ बहुत गुस्सा है। आए दिन लोग सड़कों पर उतर अपने गुस्से का इजहार करते रहते हैं। उधर, राजनीतिक दल एक दूसरे को पाकिस्तान की बदहाली का जिम्मेदार बताते रहते हैं।