Peanut Squirrel: एक गिलहरी की मौत कैसे बना अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का मुद्दा? ट्रंप और कमला दोनों की पर्टियां हो गईं आमने-सामने

ये कोई मामूली गिलहरी नहीं थी। इंस्ट्राग्राम पर इसके 540,000 से ज्यादा फॉलोअर्स थे। मामला ये है कि इस गिलहरी को सरकारी अधिकारियों ने इसके मालिक के घर से पकड़ लिया और पिछले हफ्ते इच्छामृत्यु दे दी गई। उसकी मौत डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के लिए एक चुनावी मुद्दा बन गई है, जो खुद कुछ हफ्ते पहले अपने इस दावे को लेकर कटघरे में थे कि ओहियो में अप्रवासी बिल्लियां खा रहे हैं

अपडेटेड Nov 05, 2024 पर 11:52 PM
Peanut Squirrel: एक गिलहरी के मौत कैसे बना अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का मुद्दा?

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले टैक्सेशन, अबोर्शन राइट और यहां तक ​​कि अप्रवासियों के पालतू जानवरों को खाने के दावों जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के बीच टकराव देखा गया है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कहे जाने वाले अमेरिका में एक गिलहरी की मौत का मामला भी चुनाव मुद्दा बन सकता है। वोटिंग से पहले इंटरनेट सेंसेशन पीनट गिलहरी की मौत दोनों पार्टियों के बीच एक नया विवाद बन कर उभरा है।

ये कोई मामूली गिलहरी नहीं थी। इंस्ट्राग्राम पर इसके 540,000 से ज्यादा फॉलोअर्स थे। मामला ये है कि इस गिलहरी को सरकारी अधिकारियों ने इसके मालिक के घर से पकड़ लिया और पिछले हफ्ते इच्छामृत्यु दे दी गई। उसकी मौत डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के लिए एक चुनावी मुद्दा बन गई है, जो खुद कुछ हफ्ते पहले अपने इस दावे को लेकर कटघरे में थे कि ओहियो में अप्रवासी बिल्लियां खा रहे हैं।

टेक दिग्गज एलॉन मस्क से लेकर ट्रंप के उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस तक, रिपब्लिकन ने सरकारी शक्ति और नियंत्रण के जोखिमों की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना की।


ये विवाद तब शुरू हुआ, जब ट्रंप के शीर्ष समर्थक और दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलॉन मस्क ने इस मुद्दे को उठाया, जिन्होंने सरकार को "नासमझ और हार्टलैस किलिंग मशीन" कहा।

मस्क ने कहा, "सरकार ने अतिशयोक्ति से एक अनाथ गिलहरी का अपहरण कर लिया और उसे मार डाला।" उन्होंने यह भी घोषणा की कि "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गिलहरियों को बचाएंगे"।

हालांकि, ट्रंप ने अभी तक इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति पीनट की इच्छामृत्यु को लेकर काफी "गुस्सा" थे।

डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने भी बाइडन प्रशासन पर हमला बोला। उन्होंने X पर लिखा, "मैं विश्वास नहीं कर सकता कि न्यूयॉर्क में डेमोक्रेट्स ने गिलहरियों के एलॉन मस्क को मार डाला!!!"

ट्रंप जूनियर ने आगे लिखा, "यह उस सरकार के खिलाफ वोट देने का समय है, जो एक पालतू गिलहरी को मार देती है, लेकिन 13,000 हत्यारों और 16,000 बलात्कारियों के साथ 600,000 अपराधियों को जानबूझकर अपने देश में आने की अनुमति देती है। शायद पीनट की हत्या असली बदलाव की प्रेरणा बनेगी।"

रिपब्लिकन की ओर से इतना जबरदस्त आलोचन तब हो रही है, जब इस साल चुनावी कहानी ज्यादातर इस बात पर टिक गई है कि सरकार को कितना कंट्रोल अपने हाथ में रखना चाहिए। ऐसे में अब पीनट की मौत ने ट्रंप समर्थकों को डेमोक्रेट्स के खिलाफ एक और नया मुद्दा दे दिया।

सोशल मीडिया यूजर्स भी इस पर काफी नाराज हो रहे हैं और उन्होंने कानून में बदलाव की मांग की है, जिसमें लोगों ऐसे जानवार, जिन्हें रेस्क्यू किया गया और जिनसे कोई खतरा न हो उन्हें अपने घर में पाल नहीं सकते।

प्रसिद्ध इंटरनेट हस्ती कोलिन रग्ग ने कहा कि पीनट की जब्ती और इच्छामृत्यु इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि सरकारी हस्तक्षेप किस तरह नियंत्रण से बाहर हो गया है।

पीनट गिलहरी को क्यों दी गई इच्छामृत्यु?

पीनट, एक अनाथ गिलहरी, सोशल मीडिया सेंसेशन बन गई, जब न्यूयॉर्क के रहने वाले मार्क लोंगो ने सात साल पहले उसे बचाया और उसे पाल लिया। वह सोशल मीडिया पर इस गिलहरी के रोज नए-नए करतब के वीडियो पोस्ट करते थे। जल्द ही, पीनट के इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर हजारों फॉलोअर्स हो गए।

हालांकि, 30 अक्टूबर को, पीनट और फ्रेड नाम के एक रैकून को अधिकारियों ने लोंगो के घर से जब्त कर लिया। रेबीज के संपर्क में आने की आशंकाओं के कारण उन्हें इच्छामृत्यु दे दी गई। इसने सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर गुस्सा पैदा कर दिया, जिससे "Justiceforpeanut" टॉप में ट्रेंड करने लगा।

लोंगो ने अधिकारियों पर उनके घर आने पर बहुत ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कानूनी कार्रवाई करने की कसम खाई है। उनकी तरफ से शुरू किए गए GoFundMe अभियान के तहत अब तक 156,000 डॉलर जुटाया जा चुका है।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि पालतू जानवर इस चुनावी जंग का एक मुद्दा बने हैं। इस साल की शुरुआत में, ट्रंप ने अपने डेमोक्रेटिक समकक्ष कमला हैरिस के साथ बहस के दौरान निराधार दावों को बढ़ाया कि ओहियो शहर में हाईटियन इमिग्रेंट्स बिल्लियां खा रहे थे।

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