Recession in US: अब अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden ने भी मान ली मंदी की बात, जानिए क्या कहा

बाइडेन ने हालांकि, मंदी के चलते अमेरिका के बड़े संकट में फंसने की आशंका को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मंदी आ सकती है, लेकिन इकोनॉमी में गिरावट बहुत हल्की होगी

अपडेटेड Oct 12, 2022 पर 12:57 PM
International Monetary Fund (IMF) ने मंगलवार को अमेरिकी इकोनॉमी की ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया है।

US Recession: अब अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden ने भी अमेरिका में मंदी की बात मान ली है। इससे पहले दुनियाभर के टॉप इकोनॉमिस्ट्स अमेरिकी इकोनॉमी के मंदी में जाने का अनुमान जता चुके हैं। बाइडेन ने कहा कि अमेरिका में मंदी आ सकती है।

बाइडेन ने हालांकि, मंदी के चलते अमेरिका के बड़े संकट में फंसने की आशंका को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मंदी आ सकती है, लेकिन इकोनॉमी में गिरावट बहुत हल्की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमरिकी इकोनॉमी में इस संकट से उबरने की पर्याप्त क्षमता है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि रिसेशन आएगा। अगर यह आता भी है तो इसका असर बहुत हल्का होगा। इसका मतलब है कि इकोनॉमी में थोड़ी गिरावट आएगी।" उन्होंने CNN को दिए इंटरव्यू में मंगलवार को यह बात कही।

International Monetary Fund (IMF) ने मंगलवार को अमेरिकी इकोनॉमी की ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया है। उसने कहा है कि इस साल अमेरिकी इकोनॉमी की ग्रोथ 1.6 फीसदी और अगले साल (2023) 1 फीसदी रह सकती है। उसने 2023 में ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ के अनुमान में भी कमी की है। उसने कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमी की स्थिति खराब हो रही है।

यह पूछने पर कि क्या अमेरिकी लोगों को मंदी के लिए तैयार रहना चाहिए, बाइडेन ने कहा-नहीं। इससे पहले बाइडेन ने कई बार कहा था कि उन्हें मंदी की आशंका नहीं लगती। उन्होंने मंदी को लेकर रिप्बलिकंस और एनालिस्ट्स के अनुमानों को खारिज किया है। उन्होंने जून में AP को बताया था कि मंदी नहीं आने वाली। लेकिन, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व लगातार इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहा है। इसके बावजूद इनफ्लेशन में बहुत ज्यादा कमी देखने को नहीं मिली है।

IMF के टॉप इकोनॉमिस्ट ने भी कहा है कि ग्लोबल इकोनॉमी की स्थिति और खराब होने वाली है। Pierre-Olivier Gourinchas का कहना है कि इस साल इकोनॉमी को झटका लगने से वे घाव फिर से हरे हो जाएंगे, जो कोरोना की महामारी के बाद से भरने लगे थे।

उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोगों के लिए बुरा वक्त अभी आने वाला है। 2023 में मंदी जैसी स्थिति होगी। उन्होंने ये बातें एक आर्टिकल में लिखी है। यह आर्टिकल IMF World Economic Report का हिस्सा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट में आईएमएफ ने 2022 के लिए जीडीप ग्रोथ के अपने अनुमान को 3.2 फीसदी पर बनाए रखा है। लेकिन, उसने 2023 में ग्रोथ के अनुमान को 0.20 फीसदी घटाकर 2.7 फीसदी कर दिया है।

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