Russia-Ukraine Crisis: अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों ने रूस पर लगाए कड़े प्रतिबंध

व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई को लेकर ब्रिटेन ने मंगलवार को 5 रूसी बैंकों और इस देश के तीन बेहद अमीर लोगों पर सख्त प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया

अपडेटेड Feb 23, 2022 पर 10:34 AM
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने रूस पर सीमित प्रतिबंध लगाने का ऐलान कर दिया है

Russia Ukraine Conflict: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने यूक्रेन के दोनेत्स्क (Donetsk) और लुहांस्क (Lugansk) गणराज्य के क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने के आदेश पर सोमवार को हस्ताक्षर कर दिए जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और मॉस्को के यूक्रेन पर आक्रमण करने की आशंका बढ़ गई है। पुतिन ने इन इलाकों में रूसी सैनिकों को जाने का भी आदेश दे दिया है। पश्चिम देशों की चेतावनी के बावजूद कि इस कदम से रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।

अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने रूस पर सीमित प्रतिबंध लगाने का ऐलान कर दिया है। अभी रूस पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं, लेकिन इसकी भी तैयारी चल रही है। यूक्रेन पर आक्रमण के बराबर मानते हुए अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया समेत कुछ अन्य पश्चिमी देशों ने रूस के खिलाफ कई बड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने मंगलवार को घोषणा की कि अमेरिका रूसी बैंकों और कुलीन वर्गों के खिलाफ कड़े वित्तीय प्रतिबंध लगाने के आदेश दे रहा है। उन्होंने कहा कि मॉस्को ने यूक्रेन पर हमला करके अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सरेआम उल्लंघन किया है।


अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से दो वित्तीय संस्थाओं, वीईबी और रूसी मिलिट्री बैंक के खिलाफ प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया गया है। साथ ही बाइडेन ने ये भी कहा कि रूसी अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था से हटाया जा रहा है। इसके अलावा रूस के उच्च वर्ग और उनके परिवारों पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

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इसके अलावा व्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन (Ukraine) के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई को लेकर ब्रिटेन ने मंगलवार को पांच रूसी बैंकों और इस देश के तीन बेहद अमीर लोगों पर सख्त प्रतिबंध लगाए। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने संसद को बताया कि यह यूक्रेन के दो अलगाववादी क्षेत्रों में रूसी सैनिकों के प्रवेश के खिलाफ जवाबी उपायों की 'पहली कड़ी' है।

ब्रिटेन ने रोसिया, आईएस बैंक, जनरल बैंक, प्रोम्सव्याज बैंक और ब्लैक सी बैंक के अलावा रूस से ताल्लुक रखने वाले तीन अरबपतियों- गेनेडी टिमचेंको, बोरिस रोटेनबर्ग और इगोर रोटेनबर्ग- पर प्रतिबंध लगाए हैं। ये तीनों अरबपति पुतिन के करीबी होने के चलते पिछले कई वर्षों से अमेरिकी प्रतिबंध सूची में शामिल रहे हैं। जॉनसन ने संसद से कहा कि यह उन जवाबी उपायों की पहली कड़ी, पहली बाधा है, जिसे हम लागू करने के लिए तैयार हैं। अगर हालात और ज्यादा बिगड़ते हैं तो हम तेजी के साथ प्रतिबंधों में इजाफा करेंगे।

वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने बुधवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सुरक्षा सलाहकारों में से आठ पर प्रतिबंधों की घोषणा की। यूक्रेन के पूर्व में क्रेमलिन समर्थित स्टेटलेट्स में सैनिकों को आदेश देने के पुतिन के फैसले की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने प्रतिबंधों की घोषणा की। जबकि जर्मनी ने भी रूस के साथ नॉर्ड स्ट्रीम2 गैस पाइपलाइन को शुरू करने की प्रक्रिया रोक दी है। इस पाइपलाइन के जरिए जर्मनी में रूस से गैस पहुंचने वाली थी।

यूरोपीय संघ ने एकमत से अपने पहले उपायों पर सहमति व्यक्त की है जिसमें रूस की संसद के उन सदस्यों को लक्ष्य बनाना शामिल है जिन्होंने यूक्रेन पर अपनी सहमित जताई है। रूसी बैंकों और यूरोपीय संघ के वित्तीय बाजारों तक पहुंच को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है, हालांकि अब तक लगाए गए प्रतिबंध हमले की स्थिति वाले डर से कम हैं। इस बीच, यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने रूस के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों की सराहना करते हुए, इसे पहला अहम और मजबूत कदम बताया है।

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