पैगंबर मोहम्मद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की निलंबित नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) और नवीन कुमार जिंदल (Naveen Kumar Jindal) की विवादित टिप्पणियों के मामले पर इस्लामिक देशों द्वारा लगातार विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इस क्रम में कतर, ईरान और कुवैत के बाद अब सऊदी अरब ने भी पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ नूपुर शर्मा की विवादित टिप्पणियों की सोमवार को आलोचना की।
इस्लामिक देशों के लीडर कहे जाने वाले सऊदी ने सभी से आस्थाओं एवं धर्मों का सम्मान किए जाने का आह्वान किया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बीजेपी प्रवक्ता की टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि इन बयानों से पैगंबर मोहम्मद का अपमान हुआ है।
पीटीआई के मुताबिक, सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस्लाम धर्म के प्रतीकों के खिलाफ पूर्वाग्रहों के प्रति अपनी अस्वीकृति को दोहराया है। उसने सभी पूजनीय लोगों एवं चिह्नों के खिलाफ पूर्वाग्रह को बढ़ावा देने वाली हर चीज को खारिज किया। अपनी प्रवक्ता को निलंबित करने के बीजेपी के कदम का स्वागत करते हुए मंत्रालय ने आस्थाओं एवं धर्मों के लिए सम्मान के आह्वान के सऊदी अरब के रुख को दोहराया।
कतर, ईरान और कुवैत ने भारतीय राजदूतों को किया तलब
आपको बता दें कि इससे पहले, कतर, ईरान और कुवैत ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में नूपुर शर्मा की विवादित टिप्पणियों को लेकर रविवार को भारतीय राजदूतों को तलब किया था। खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों ने इन टिप्पणियों की निंदा करते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
कतर और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास के प्रवक्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि राजदूत ने बताया कि वे ट्वीट किसी भी तरह से भारत सरकार के विचारों को नहीं दर्शाते। ये संकीर्ण सोच वाले तत्वों के विचार हैं।
BJP ने दोनों नेताओं से किया किनारा
टिप्पणियों को लेकर मुस्लिम समुदाय के विरोध के बीच बीजेपी ने एक तरह से दोनों नेताओं के बयानों से किनारा करते हुए कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करती है और उसे किसी भी धर्म के पूजनीय लोगों का अपमान स्वीकार्य नहीं है।
इन विवादित टिप्पणियों के कारण अरब देशों में ट्विटर पर भारतीय उत्पादों के बहिष्कार के लिए एक अभियान भी चलाया गया। नूपुर शर्मा की टिप्पणी के बाद पैदा हुए हालातों ने शीर्ष नेतृत्व को असहज कर दिया है। यही वजह है कि बीजेपी ने अपने नेताओं पर कड़ा ऐक्शन लिया है। साथ ही सभी को नसीहत दी है कि किसी भी धर्म के पूजनीयों का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा।