शेख हसीना के लंदन जाने में आ रही 'तकनीकी रुकावट' लंबे समय तक भारत में रह सकती हैं बांग्लादेश की पूर्व PM

कथित तौर पर नई दिल्ली इस मुद्दे के समाधान के लिए लंदन के साथ समन्वय कर रही है, और हसीना वर्तमान में भारत में एक "सेफ हाउस" में रह रही हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और दूसरे शीर्ष अधिकारी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करने में शामिल रहे हैं

अपडेटेड Aug 07, 2024 पर 5:07 PM
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Bangladesh Violence: शेख हसीना के लंदन जाने में आ रही 'तकनीकी रुकावट'

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधान मंत्री शेख हसीना ढाका से भागने के बाद 5 अगस्त की शाम को भारत पहुंचीं। अब उन्हें इमिग्रेशन नियमों के कारण ब्रिटेन जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। UK की पॉलिसी के अनुसार, असाइलम एप्लीकेशन उसके क्षेत्र के भीतर से ही किया जाना जरूरी है। अब क्योंकि हसीना के पास वैध वीजा नहीं है, इसलिए वह UK के बाहर से शरण के लिए आवेदन नहीं कर सकती है।

Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार लंबे के लिए उनकी मेजबानी करने के लिए तैयार है, क्योंकि हसीना को लंदना जाने के लिए कई 'तकनीकि रुकावटों' का सामना करना पड़ रहा है।

भारतीय अधिकारी कर रहे कॉर्डिनेट


कथित तौर पर नई दिल्ली इस मुद्दे के समाधान के लिए लंदन के साथ समन्वय कर रही है, और हसीना वर्तमान में भारत में एक "सेफ हाउस" में रह रही हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और दूसरे शीर्ष अधिकारी उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और संबंधित एजेंसियों के साथ कॉर्डिनेट करने में शामिल रहे हैं।

ब्रिटेन के कड़े इमिग्रेशन नियमों के कारण नई दिल्ली अनिश्चित काल के लिए अपदस्थ बांग्लादेशी पीएम की मेजबानी करने की तैयारी कर रही है। हसीना लंदन जाना चाहिए था, जहां उनकी भतीजी ट्यूलिप सिद्दीक एक लेबर सांसद और ट्रेजरी के आर्थिक सचिव हैं।

शेख हसीना के पास वैध वीजा नहीं है

रिपोर्ट से पता चला है कि ब्रिटेन के इमिग्रेशन नियम देश के बाहर से असाइलम एप्लीकेशन की अनुमति नहीं देते हैं और हसीना के पास वैध वीजा नहीं है, जिससे उनके लिए ब्रिटेन में शरण या अस्थायी शरण लेना मुश्किल हो गया है।

इस तरह, फिलहाल उनके पास सबसे अच्छा विकल्प भारत में रहने का ही है, जो उनके लिए "सुरक्षित" माना जा रहा है।

इस बीच, ब्रिटेन ने बांग्लादेश में हिंसा की संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में पूरी जांच की जांच पर जोर दिया है, लेकिन हसीना को शरण देने पर कुछ भी नहीं कहा।

वहीं भारत, राजनीतिक जटिलताओं के बावजूद, हसीना को शरण देने, आतंकवाद विरोधी प्रयासों में उनके पिछले समर्थन को स्वीकार करने और स्थिर द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

अलग-अलग विभागों के भारतीय अधिकारी हसीना की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और उनके स्टे और भविष्य को लेकर योजना पर किया जा रहा है।

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