दक्षिण अफ्रीका में अरबों का घोटाला करने वाले कारोबारी गुप्ता बंधु दुबई में गिरफ्तार, जानिए इनकी पूरी कहानी

भारतीय मूल के गुप्ता बंधुओं पर आरोप है कि उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ अपने नजदीकियों का इस्तेमाल कर अरबों रुपयों का घोटाला और अवैध कमाई की

अपडेटेड Jun 07, 2022 पर 4:30 PM
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गुप्ता बंधु साल 2018 में ही दक्षिण अफ्रीका छोड़कर यूएई चले गए थे

दक्षिण अफ्रीका (South Africa) की सरकार ने सोमवार को कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में पुलिस अधिकारियों ने भारतीय मूल के गुप्ता बंधुओं (राजेश और अतुल) को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के शासन के दौरान भ्रष्टाचार करने के कई आरोप हैं। दोनों भाइयों को दुबई में गिरफ्तार किया गया। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि तीसरे भाई अजय को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।

दक्षिणी अफ्रीकी सरकार के अनुरोध पर पिछले साल जुलाई में इंटरपोल ने गुप्ता बंधुओं के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। इस नोटिस के जारी होने के करीब एक साल बाद उनकी गिरफ्तारी हुई है। गुप्ता बंधुओं पर आरोप है कि उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल आर्थिक लाभ कमाने में किया और देश के अहम शीर्ष पदों पर नियुक्तियों को प्रभावित किया। हालांकि, गुप्ता बंधुओं ने इन आरोपों का खंडन किया है।

अधिकारियों ने कहा कि 2018 में दक्षिण अफ्रीका में सरकार से जुड़े संस्थानों में अरबों का घोटाला करने के बाद गुप्ता परिवार दुबई चला गया था। दक्षिण अफ्रीका के न्याय एवं सुधार सेवा विभाग ने एक बयान जारी कर कहा, "न्याय एवं सुधार सेवा मंत्रालय पुष्टि करता है कि उसे UAE के अधिकारियों से सूचना मिली है कि भगोड़े राजेश और अतुल गुप्ता को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।"


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भ्रष्टाचार को लेकर देश में मचे हंगामे के बीच गुप्ता परिवार 2018 में दक्षिण अफ्रीका को छोड़कर चला गया था। उसी साल व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के कारण अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (एएनसी) ने जैबक जुमा को राष्ट्रपति पद से हटाते हुए सिरिल रामफोसा को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया था।

नई सरकार ने गुप्ता बंधुओं को यूएई से लाने की कोशिश की, लेकिन दक्षिण अफ्रीका और यूएई के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं होने के चलते उन्हें सफलता नहीं मिल रही थी। बाद में दक्षिण अफ्रीका ने संयुक्त राष्ट्र से इस मामले में मदद करने की अपील की थी। जून 2021 में दक्षिण अफ्रीका और यूएई के बीच संधि हुई और तभी से दक्षिणी अफ्रीकी तमाम गवाहों और सबूतों को रखकर गुप्ता बंधुओं के प्रत्यर्पण की कोशिशों में लगी हुई थीं

15 अरब रैंड की अवैध कमाई

कई गवाहों ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के रूप में जैकब जुमा के नौ साल के कार्यकाल में हुए बड़े घोटालों और कैबिनेट मंत्रियों की नियुक्तियों में गुप्ता बंधुओं की भूमिका होने की गवाही दी। दक्षिण अफ्रीकी टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारी ने बताया कि उनकी जांच से पता चला है कि देश से भागने से पहले गुप्ता बंधुओं ने लगभग 15 अरब रैंड (दक्षिण अफ्रीका की मुद्रा) की अवैध कमाई की थी।

सहारनपुर के रहने वाले हैं गुप्ता बंधु

मूल रूप से भारत के सहारनपुर के रहने वाले गुप्ता परिवार ने 1990 के दशक की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका पहुंचकर जूते की दुकान खोली थी। उन्होंने जल्द ही आईटी, मीडिया और खनन कंपनियों को शामिल कर अपने कारोबार का विस्तार किया, जिनमें से अधिकरत या तो अब बिक चुकी हैं या फिर बंद हो गई हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा का भी आया था नाम

बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) का नाम भी इस घोटाले में सामने आया था। ऐसी सूचना थी कि बैंक ने ऐसे समय में गुप्ता बंधुओं के लिए खाता खोलकर उनकी सहायता की थी, जब सभी दक्षिण अफ्रीकी बैंकों ने गुप्ता परिवार के साथ लेन-देन बंद कर दिया था। BoB ने बाद में संचालन में वैश्विक कटौती का हवाला देते हुए अपनी दक्षिण अफ्रीक की अपनी सभी शाखाएं बंद कर दी थीं।

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