Sri Lanka Crisis: आर्थिक और राजनीतिक संकट झेल रहे श्रीलंका (Sri Lanka) को अपना नया राष्ट्रपति (New President) मिल गया है। रानिल विक्रमसिंघे (Ranil Wickremesinghe) श्रीलंका के नए राष्ट्रपति चुने गए हैं। गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) के देश छोड़ने और इस्तीफा देने के बाद विक्रमसिंघे ही देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति थे।
अब विक्रमसिंघे के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं। उन्हें देश को उसके आर्थिक पतन से बाहर निकालना और महीनों से चल रहे बड़े विरोध के बाद सार्वजनिक व्यवस्था को भी बहाल करना है।
इस बीच रानिल विक्रमसिंघे के श्रीलंका के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति सचिवालय के बाहर भी जमा हो गए।
श्रीलंका में नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान आज सुबह दस बजे शुरू हुआ था। विक्रमसिंघे (73) को 225 सदस्यों वोले सदन में 134 सदस्यों का मत हासिल हुआ। दूसरे पर नंबर डलास अल्हाप्पेरुमा को 82 वोट मिले। केवल तीन वोट अनुरा कुमारा के पक्ष में पड़े।
संसद में हुई वोटिंग का फाइनल रिजल्ट
देश में अब तक के सबसे भीषण आर्थिक संकट से निपटने में सरकार की नाकामी के बाद लोग सड़कों पर उतर आए थे। राजनीतिक उथल पुथल और देश में फैले अराजकता के माहौल के बीच गोटबाया राजपक्षे ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राष्ट्रपति चुनाव गुप्त मतदान के जरिए हुआ।
मुकाबला कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, डलास अल्हाप्पेरुमा और वामपंथी जनता विमुक्ति पेरामुना (JVP) के नेता अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच था।
चुनाव जीतने के बाद विक्रमसिंघे ने सदन को संबोधित किया। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने विपक्ष सहित संसद में सभी दलों को लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाली नई रणनीति पर एक साथ काम करने के लिए आमंत्रित किया।
रानिल विक्रमसिंघे, जो पहले दो राष्ट्रपति चुनाव और यहां तक कि अपनी एमपी सीट भी हार चुके हैं। आज श्रीलंका के 8वें राष्ट्रपति चुने गए हैं। विक्रमसिंघे 2020 में कोलंबो में अपनी सीट हार गए थे। 2021 में उन्होंने सांसद के रूप में संसद में वापसी की।
इसके बाद बढ़ते आर्थिक संकट और जन आक्रोश के चलते महिंदा राजपक्षे ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। मई 2022 में रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री बनाया गया था।