श्रीलंका ने इंडिया से मांगा 1.5 अरब डॉलर का कर्ज, पहले भी मदद कर चुका है भारत

श्रीलंका के पास आयात करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा नहीं है। उसका विदेशी मुद्रा भंडार 70 फीसदी घट गया है। श्रीलंकाई रुपया की वैल्यू बहुत गिर गई है। सरकार के पास विदेशी मदद लेने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं रह गया है

अपडेटेड Mar 30, 2022 पर 5:30 PM
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उम्मीद है कि इंडियन गवर्नमेंट श्रीलंका को 1.5 अरब डॉलर की नई आर्थिक मदद देगी। इसका इस्तेमाल चावल, आटा, दलहन, चीनी और दवा जैसी जरूरी चीजों के आयात के लिए होगा।

श्रीलंका ने इंडिया से 1.5 अरब डॉलर का नया कर्ज (New Credit Line) मांगा है। श्रीलंका के सेंट्रल बैंक (Central Bank of Sri Lanka) के गवर्नर ने यह जानकारी दी। श्रीलंका की सरकार को रोजमर्रा की चीजों के आयात के लिए तुरंत पैसे की जरूरत है।

श्रीलंका में जरूरी चीजों की सप्लाई घटी

मुश्किल वक्त में उसने अपने पड़ोसी देश से मदद मांगी है। 2.2 करोड़ आबादी वाले श्रीलंका में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। लोगों को जरूरी सामान तक नहीं मिल पा रहे हैं। चावल, चीनी, ब्रेड, दूध जैसी जरूरी चीजों की कीमतें आसमान में पहुंच गई हैं।


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सरकार के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा नहीं

श्रीलंका के पास आयात करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा नहीं है। उसका विदेशी मुद्रा भंडार 70 फीसदी गिर गया है। श्रीलंकाई रुपया की वैल्यू बहुत गिर गई है। सरकार के पास विदेशी मदद लेने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं रह गया है। सरकार आईएमएफ से मदद लेने के बारे में सोच रही है। वह इसमें संभवत: इसलिए देर कर रही है, क्योंकि उसे कर्ज चुकाने की अपनी क्षमता पर भरोसा नहीं रह गया है।

पहले भी श्रीलंका की मदद कर चुका है  इंडिया

इससे पहले श्रीलंका इंडिया से 1 अरब डॉलर की आर्थिक मदद ले चुका है। इस महीने की शुरुआत में श्रीलंका के वित्त मंत्री बासिल राजपक्षा इंडिया आए थे। तब इंडिया ने अपने पड़ोसी देश को यह आर्थिक मदद दी थी। श्रीलंका के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अजीत निवार्ड काबराल ने कहा, "इंडिया से और 1.5 अरब डॉलर की मदद हासिल करने के लिए बातचीत चल रही है।"

श्रीलंका से रिश्ते में आई थी तल्खी

बताया जाता है कि इंडियन गवर्नमेंट श्रीलंका को 1.5 अरब डॉलर की नई आर्थिक मदद दे सकती है। इसका इस्तेमाल चावल, आटा, दलहन, चीनी और दवा जैसी जरूरी चीजों के आयात के लिए होगा। इंडिया मुश्किल वक्त में श्रीलंका की मदद कर रहा है। इससे पहले की श्रीलंका की सरकार ने चीन की तरफ अपना झुकाव दिखाया था। इसका असर इंडिया से श्रीलंका के रिश्ते पर पड़ा था।

इंडिया ने दिलाया मदद का भरोसा

इस हफ्ते सोमवार को कोलंबो में इंडिया के विदेशमंत्री एस जयशंकर की मुलाकात श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षा और श्रीलंकाई वित्त मंत्री काबाराल से हुई थी। इसके बाद जयशंकर ने एक ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि हमने श्रीलंका को मदद जारी रखने का भरोसा दिलाया है।

आर्थिक मदद देने से पहले इस साल इंडिया ने श्रीलंका को 40 करोड़ डॉलर का करेंसी स्वैप और 50 करोड़ डॉलर की क्रेडिट लाइन मंजूर की थी। इसका इस्तेमाल फ्यूल खरीदने के लिए होने वाला था। श्रीलंका के वित्त मंत्री काबाराल ने कहा कि इंडिया श्रीलंका के प्रोग्रेस में उसका साथी बना रहेगा।

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