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Sri Lanka Crisis: अब श्रीलंका में सरकारी एयरलाइंस कंपनी बेचने की तैयारी, क्या इससे आर्थिक संकट दूर होगा?

Sri Lanka Crisis: एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के पास घाटे वाली कंपनियों को बेचकर संकट टालने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है। श्रीलंका में सिर्फ एक दिन का पेट्रोल बचा है। क्रूड लदे जहाजों का पेमेंट करने तक का पैसा सरकार के पास नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 30, 2022 पर 12:12 PM
Sri Lanka Crisis: अब श्रीलंका में सरकारी एयरलाइंस कंपनी बेचने की तैयारी, क्या इससे आर्थिक संकट दूर होगा?
श्रीलंका को जब तक खानेपीने की चीजों सहित जरूरी चीजों के इंपोर्ट के लिए पैसा नहीं मिल जाता, आम लोगों का प्रदर्शन खत्म होने वाला नहीं है।

श्रीलंका (Sri Lanka Crisis) की स्थिति डांवाडोल बनी हुई है। जल्द उपाय नहीं किए गए तो करीब 2.25 करोड़ आबादी वाले देश में गृहयुद्ध शुरू हो सकता है। श्रीलंका अपने कर्ज को चुकाने में नाकाम रहा है। श्रीलंका के लोगों को तुरंत खानेपीने की चीजों, फ्यूल और फर्टिलाइजर की जरूरत है। इसके लिए सरकार को 4 अरब डॉलर चाहिए। संकट टालने के लिए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे (Ranil Wickremesinghe) ने श्रीलंकन एयरलाइंस (Sri Lankan Airlines) को बेचने का ऐलान किया है।

रानिल विक्रमसिंघे हाल ही में प्रधानमंत्री बने हैं। वह छठी बार श्रीलंका के पीएम बने हैं। श्रीलंकन एयरलाइंस के प्राइवेटाइजेशन से सरकार को पैसे मिलेंगे। यह एयरलाइंस घाटे में है। कोरोना की महामारी शुरू होने से पहले यह 60 देशों के 126 शहरों के लिए हवाई सेवाएं देती थी। इसके पासे लीज पर लिए गए विमानों का किराया देने तक के लिए पैसे नहीं हैं। मार्च 2021 में खत्म फाइनेंशियल ईयर में इसे 12.5 करोड़ डॉलर का लॉस हुआ था। हालांकि, श्रीलंका सरकार के लिए इसके लिए खरीदार की तलाश करना आसाना नहीं होगा।

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एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के पास घाटे वाली कंपनियों को बेचकर संकट टालने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है। श्रीलंका में सिर्फ एक दिन का पेट्रोल बचा है। क्रूड लदे जहाजों का पेमेंट करने तक का पैसा सरकार के पास नहीं हैं। क्रूड और फर्नेस ऑयल लदे तीन समुद्री जहाज श्रीलंका के तट पर खड़े हैं। श्रीलंका सरकार के लिए अपनी संपत्तियों को बेचना नई बात नहीं है। पहले ही वह अपने कुछ रणनीतिक एसेट्स चीन को बेच चुका है।

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