Lebanon Serial Blasts: मिडिल ईस्ट के देश लेबनान में हुए सीरियल ब्लास्ट्स के साथ ताइवान की कंपनी गोल्ड अपोलो का नाम जुड़ रहा है। कहा जा रहा है कि लेबनानी संगठन हिज्बुल्लाह के लड़ाकों के जिन पेजर्स में धमाके हुए, उन्हें ताइवान की कंपनी गोल्ड अपोलो ने बनाया था। पेजर्स के लेबनान पहुंचने से पहले ही उनके साथ छेड़छाड़ कर दी गई और बारूद लगा दिया गया। लेकिन गोल्ड अपोलो ने इन पेजर्स की मैन्युफैक्चरिंग से इनकार किया है। रॉयटर्स के मुताबिक, गोल्ड अपोलो का कहना है कि लेबनान में हुए विस्फोटों में जिन पेजर्स का इस्तेमाल किया गया, वे उसने नहीं बल्कि BAC नामक कंपनी ने बनाए हैं। इस कंपनी के पास गोल्ड अपोलो के ब्रांड का इस्तेमाल करने का लाइसेंस है।
इस सीरियल ब्लास्ट से महीनों पहले हिज्बुल्लाह ने गोल्ड अपोलो से 5,000 पेजर्स ऑर्डर किए थे। रॉयटर्स के मुताबिक, गोल्ड अपोलो के फाउंडर और प्रेसिडेंट ह्सू चिंग-कुआंग का कहना है, "प्रोडक्ट हमारा नहीं था। बस इतना था कि इस पर हमारा ब्रांड था।" कंपनी ने एक बयान में कहा कि AR-924 मॉडल का उत्पादन और बिक्री BAC द्वारा की गई थी। गोल्ड अपोलो की ओर से कहा गया है, "हम केवल ब्रांड ट्रेडमार्क ऑथराइजेशन देते हैं और इस प्रोडक्ट के डिजाइन या मैन्युफैक्चरिंग में हमारी कोई भागीदारी नहीं है।"
स्मार्टफोन के जमाने में पेजर क्यों इस्तेमाल कर रहे थे हिज्बुल्लाह के लड़ाके
रॉयटर्स को इसी साल सोर्सेज से पता चला कि हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने इस विश्वास के साथ पेजर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया कि इससे इजरायल उनकी लोकेशन ट्रैक नहीं कर सकेगा। ह्सू ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि पेजर को धमाके के लिए कैसे तैयार किया जा सकता है। गोल्ड अपोलो भी इस घटना की एक विक्टिम है। उन्होंने कहा कि हम भले ही एक बड़ी कंपनी न हों लेकिन हम एक जिम्मेदार कंपनी हैं। यह बहुत ही शर्मनाक घटना है।
इजरायल की जासूसी एजेंसी मोसाद की लग रही साजिश
अमेरिकी और अन्य अधिकारियों के हवाले से द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि इजरायल की मोसाद जासूसी एजेंसी ने हिज्बुल्लाह द्वारा मंगाए गए 5,000 पेजर्स के अंदर बारूद लगाया था। धमाकों में 2700 से ज्यादा लोगों के घायल होने और 11 के मरने की खबर है। पेजर पर आए एक मैसेज ने एक्सप्लोसिव्स को एक्टीवेट कर दिया।