UK By-Election Results: ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (British PM Rishi Sunak) की सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी (Conservative Party) ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दो संसदीय सीटें खो दी हैं। ब्रिटेन में तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में पीएम ऋषि सुनक की कंजरवेटिव पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। कंजरवेटिव पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के इस्तीफे से खाली हुई उक्सब्रिज और साउथ रुइस्लिप (Uxbridge and South Ruislip) सीट अपने पास रखने में तो कामयाब रही, लेकिन दो अन्य सीटों पर उसे करारी हार मिली।
गुरुवार को हुए उपचुनाव को अर्थव्यवस्था संभालने के मामले में सुनक के प्रदर्शन और अगले साल की दूसरी छमाही में प्रस्तावित आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने की उनकी संभावनाओं के रिपोर्ट कार्ड के तौर पर देखा जा रहा था। इसके नतीजे सामने आने के बाद यूके पीएम पिछले 55 साल में एक ही दिन में तीन उपचुनाव हारने वाले पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनने से बच गए।
उक्सब्रिज और साउथ रुइस्लिप में हुए उपचुनाव में कंजरवेटिव पार्टी के उम्मीदवार स्टीव टकवेल ने मामूली अंतर से जीत दर्ज की। यह सीट कोविड-19 की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान 10 डाउनिंग स्ट्रीट (ब्रिटेन का प्रधानमंत्री आवास) में पार्टियों के आयोजन को लेकर जांच का सामना कर रहे जॉनसन के पिछले महीने इस्तीफा देने के कारण खाली हुई थी।
नतीजों के बाद सुनक का बयान
नतीजों की घोषणा के बाद शुक्रवार सुबह उक्सब्रिज पहुंचे सुनक ने कहा कि क्षेत्र में जीत दिखाती है कि अगले आम चुनाव को लेकर कुछ भी तय नहीं है। उन्होंने अपनी रणनीति पर टिके रहने और लोगों के लिए काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। सेल्बी और आइंस्टी सीट पर हुए उपचुनाव में विपक्षी दल लेबर पार्टी ने 20,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की। जॉनसन के करीबी निगेल एडम्स के इस्तीफा देने के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा।
वहीं, विपक्षी लेबर पार्टी के नेता कीर स्टार्मर ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक जीत है, जो दर्शाती है कि लोग नेतृत्व के लिए लेबर पार्टी की तरफ देख रहे हैं। वे लेबर पार्टी को एक ऐसी बदली हुई पार्टी के रूप में देख रहे हैं, जिसका पूरा ध्यान एक व्यावहारिक कार्ययोजना के साथ कामकाजी लोगों की महत्वकांक्षाओं को पूरा करने पर है। सेल्बी और आइंस्टी में लेबर पार्टी की जीत के साथ 25 वर्षीय कीर माथेर ब्रिटिश संसद के सबसे युवा सदस्य बन गए। उनसे पहले यह रिकॉर्ड नॉटिंघम ईस्ट से भारतीय मूल की लेबर सांसद 26 वर्षीय नाडिया के नाम पर दर्ज था।
कंजरवेटिव पार्टी को दूसरा झटका सोमरसेट और फ्रोम सीट पर हुए उपचुनाव में लगा, जहां लिबरल डेमोक्रेट पार्टी की उम्मीदवार सारा डाइक ने 11,000 से अधिक मतों से जीत दर्ज की। डाइक के खाते में जहां कुल 21,187 वोट पड़े, वहीं कंजरवेटिव प्रत्याशी फे बरब्रिक को 10,179 मतों से संतोष करना पड़ा।
क्यों कराने पड़े उप-चुनाव?
पीटीआई के मुताबिक, सोमरसेट और फ्रोम में कंजरवेटिव सांसद डेविड वारबर्टन के इस्तीफे के कारण उपचुनाव जरूरी हो गया था। वारबर्टन ने ड्रग्स के सेवन और यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगने के बाद संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
डाइक ने जीत के बाद दिए भाषण में ताउम्र कंजरवेटिव समर्थक रहे क्षेत्र के उन मतदाताओं का आभार जताया, जिन्होंने पहली बार लिबरल डेमोक्रेट उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने अपनी जीत में अहम भूमिका निभाने वाले लेबर और ग्रीन पार्टी के समर्थकों का भी शुक्रिया अदा किया।