अमेरिका में बेरोजगारी से जुड़े फायदों के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में पिछले हफ्ते गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट की तरफ से 20 जुलाई को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 15 जुलाई को खत्म हफ्ते में बेरोजगारी से जुड़े फायदों के लिए आवेदन करने वालों की संख्या 2,28,000 रही और इसमें 9,000 की गिरावट दर्ज की गई। इससे पिछले हफ्ते में इन फायदों के लिए आवेदन करने वालों की संख्या 2,28,000 थी। इसका मतलब यह है कि अमेरिका में रोजगार के मोर्चे पर स्थिति बेहतर हुई है।
इन आवेदनों के आंकड़ों में हुए बदलाव को किसी हफ्ते में नौकरियों में हुई छंटनी के तौर पर देखा जाता है। मई के आखिरी और जून के शुरुआती हफ्तों में बेरोजगारी से जुड़े फायदों के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली थी औ यह आंकड़ा 2,60,000 से ऊपर चला गया था। हालांकि, पिछले 4 हफ्तों से इस मोर्चे पर बेहतरी देखने को मिली है और लेबर मार्केट की स्थिति बेहतर बनी हुई है।
साल 2020 में अमेरिका में कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से अब तक 2 करोड़ नौकरियां खत्म हुई हैं। हालांकि, अब कंपनियां तेजी से भर्ती भी कर रही हैं। अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर भी तेज है। साल 1989 के बाद से यह पहला मौका है, जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला इस कदर तेज है। हालांकि, बेरोजगारी दर पर इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा है और यह 3.6 पर्सेंट के ऐतिहासिक निचले स्तर पर मौजूद है।
फेडरल रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि इनफ्लेशन को कम करने के लिए बेरोजगारी दर 4 पर्सेंट से ज्यादा होना जरूरी है। हालांकि, पिछले हफ्ते की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जून में कंज्यूमर प्राइस में काफी गिरावट देखने को मिली और यह 3 पर्सेंट पर पहुंच गया। यह 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है। साथ ही, यह आंकड़ा फेडरल रिजर्व के 2 पर्सेंट के लक्ष्य के भी करीब है।
जनवरी से मार्च के दौरान अमेरिकी इकनॉमी की ग्रोथ 2 पर्सेंट रही। लेबर मार्केट की बेहतर परफॉर्मेंस को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि इनफ्लेशन की चुनौती से निपटने के लिए फेडरल रिजर्व इस साल के अंत तक एक या दो बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, जून में फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं की।