विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदानोम घेब्रेयसस इस समय भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। मंगलवार की रात गुजरात के राजकोट पहुंचने के बाद उन्होंने राज्य सरकार की तरफ से उनके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद वाला ट्वीट किया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदानोम घेब्रेयसस इस समय भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। मंगलवार की रात गुजरात के राजकोट पहुंचने के बाद उन्होंने राज्य सरकार की तरफ से उनके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद वाला ट्वीट किया।
डॉ टेड्रोस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात में कई कार्यक्रमों में भाग लिया। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने डॉ टेड्रोस घेब्रेयसस के साथ गुजरात के जामनगर में अपनी तरह का पहला WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन (GCTM) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया।
इस दौरान WHO प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा कि यह सेंटर ट्रेडिशनल मेडिसिन को मजबूत करने के लिए विज्ञान की शक्ति का उपयोग करने में देशों की मदद करेगा, और इसका पूरा ध्यान साक्ष्य और डेटा पर होगा।
उन्होंने कहा कि ट्रेडिशनल मेडिसिन प्रैक्टिस सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी मेडिसिन सेवाओं तक समान पहुंच में सुधार करके देशों को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की ओर बढ़ने में मदद कर सकती हैं।
ट्रेडिशनल मेडिसिन को मिलेगी बढ़ावा
पर्यवेक्षकों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करने से लेकर डेटा एनालिटिक्स को लागू करने तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारत में नरेंद्र मोदी सरकार दुनिया भर में वैकल्पिक दवाओं की धारणा को बदलने के लिए तैयार हैं। इस कदम से वैश्विक स्तर पर वैकल्पिक औषधीय प्रथाओं जैसे अफ्रीकी ट्रेडिशनल मेडिसिन, अरब और इस्लामी दवाओं और चीनी चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने संस्कृतियों और धर्मों में अपनाई जाने वाली पारंपरिक और प्राचीन औषधीय प्रथाओं के विकास पर अलग से ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है। WHO के अनुमान के अनुसार, दुनिया की लगभग 80 फीसदी आबादी पारंपरिक दवाओं (traditional medicines) का उपयोग करती है। अब तक 170 डब्ल्यूएचओ सदस्य देशों ने पारंपरिक दवाओं के उपयोग की सूचना दी है।
पूरी दुनिया भारत के जामनगर में आएगी
डॉ. टेड्रोस अदानोम घेब्रेयसस ने मंगलवार को कहा कि पूरी दुनिया भारत के जामनगर में आएगी और भारत पूरी दुनिया में जाएगा। इसका सीधा सा मतलब है कि जहां भारत पारंपरिक दवाओं और इलाज के सभी रिसर्च और ज्ञान का केंद्र बन जाएगा।
वहीं इस कदम से देश को योग और आयुर्वेद जैसे अपने स्वयं के प्राचीन उपचारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को घेब्रेयेसस के दिल्ली दौरे पर उनसे मुलाकात की और वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया।
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