Samosa is Banned in this African country : भारत में समोसा, शाम के नाश्ते का बस एक स्नैक्स नहीं है बल्कि दोस्तों, परिवारों के एक साथ बैठक कर गप्पे लड़ाने का भी एक जरिया है। अपने देश में होने वाला कोई भी फंक्शन चाहे वो शादी हो या फिर कोई चुनावी रैली बिना समोसे के वो पूरी नहीं हो सकती। देश के हर शहर में आपको बाज़ार और गलियों में छनते हुए समोसे दिख जाएंगे और चाय के साथ लोगों के ठहाके भी। हर भारतीय को समोसा खाना बेहद पसंद होता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां समोसे पर सख्त प्रतिबंध है? वहां इसे खाना या बनाना कानून के खिलाफ माना जाता है और नियम तोड़ने पर सजा भी हो सकती है।
इस देश में समोसा खाने पर मिलती है सजा
अफ्रीकी देश सोमालिया में समोसे पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहां के कट्टरपंथी इस्लामिक समूह का मानना है कि यह नाश्ता पश्चिमी संस्कृति से जुड़ा हुआ है। इस वजह से 2011 में इस पर रोक लगा दी गई थी। सोमालिया में यह नियम काफी सख्ती से लागू किया गया है और इसे तोड़ने पर सजा भी हो सकती है। सोमालिया में समोसे पर प्रतिबंध लगाने वाले चरमपंथी समूह ने इसके लिए कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका मानना था कि समोसे का त्रिकोणीय आकार ईसाई त्रिमूर्ति से मिलता है, जिससे उन्हें परेशानी थी। स्थानीय रूप से इसे 'संबूसा' कहा जाता है और अगर कोई इसे बनाते या खाते हुए पकड़ा जाता था, तो उसे तुरंत सजा दी जाती थी।
बता दें कि समोसा 10वीं शताब्दी के आसपास मध्य एशिया से आए अरब व्यापारियों के साथ भारत में आया था। इस बात का जिक्र उस समय की किताबों में भी किया गया है, जैसे कि ईरानी इतिहासकार अबुलफजी बेहकी की "तारीख ए बेहकी" में। कहा जाता है कि समोसा की शुरुआत मिस्र में हुई थी, फिर यह लीबिया और मध्य पूर्व के अन्य हिस्सों में फैल गया। 16वीं शताब्दी तक यह ईरान में भी लोकप्रिय था, लेकिन धीरे-धीरे इसका चलन कम हो गया। वहीं भारत में इसकी शुरुआत मुगल काल में मानी जाती है। सूफी संत अमीर खुसरो की माने तो 13वीं शताब्दी में समोसा मुगलों के दरबार का एक पसंदीदा व्यंजन था।