अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया शांति समझौते ने अमेरिकी प्रशासन के अंदर ही खलबली मचा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समझौते का विरोध करने वाले अपनी सरकार के बड़े अधिकारियों से काफी नाराज हैं और उन्हें पद से हटाने पर विचार कर रहे हैं।
'क्लैश रिपोर्ट' के मुताबिक, ट्रंप जिन अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं, उनमें दो बड़े नाम शामिल हैं:
सोशल मीडिया पर एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि, "अब बहस खत्म हो चुकी है। जिन्होंने इस समझौते का विरोध किया था, उन्हें अब इसकी निजी कीमत चुकानी पड़ सकती है।"
विरोध की असली वजह क्या थी?
खबरों के मुताबिक, CIA डायरेक्टर जॉन रेटक्लिफ ने ट्रंप को चेतावनी दी थी कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे ईरान की नीयत पर शक होता है।
रेटक्लिफ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो का मानना था कि ईरान की अंदरूनी बातें उन वादों से अलग हैं, जो उसने अमेरिका को दिए हैं। उन्हें डर था कि ईरान अपनी परमाणु शर्तों को पूरी तरह नहीं मानेगा। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी इन चिंताओं का समर्थन किया था।
ट्रंप के साथ कौन खड़ा है?
एक तरफ जहां रक्षा और खुफिया विभाग के प्रमुख इस डील के खिलाफ थे, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप के करीबी सलाहकारों की एक टीम इस समझौते के पक्ष में थी। इनमें शामिल हैं:
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रंप ने अपने सभी सलाहकारों की अलग-अलग राय सुनी, लेकिन अंत में उन्होंने समझौते के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया। प्रशासन का कहना है कि यह डील उनकी सभी शर्तों को पूरा करती है और यह सुनिश्चित करती है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।
अधिकारी ने यह भी साफ कर दिया, "हर कोई जानता है कि आखिरी फैसला राष्ट्रपति (ट्रंप) का ही होता है।" हालांकि, अधिकारियों को हटाए जाने की खबरों पर अभी तक व्हाइट हाउस ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
अगर ट्रंप अपने रक्षा मंत्री और CIA डायरेक्टर को हटाते हैं, तो यह उनके कार्यकाल का एक बहुत बड़ा फेरबदल होगा, जो दिखाता है कि वे ईरान डील को लेकर किसी भी तरह की रुकावट बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।